आपदा प्रभावितों ने शासन-प्रशासन पर हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए उप जिलाधिकारी विनोद कुमार का घेराव किया। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने समझा बुझा कर उन्हें शांत कराया।
आपदा प्रभावितों का कहना था कि गांव रहने की स्थिति में नहीं है, लेकिन मात्र 10 मकानों को क्षतिग्रस्त बताया गया है। उन्होंने पूरे गांव को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने स्कूल में आपदा प्रभावितों की रहने की व्यवस्था की है। दो कमरों में आपदा प्रभावित 28 परिवार कैसे रहेंगे। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कहा से होगी। ग्रामीणों ने इस बात पर भी रोष प्रकट किया कि सामान को सड़क तक ढोने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में शासन प्रशासन की ओर से उनकी कोई मदद नहीं की गई।
नाते रिश्तेदारों की मदद से उन्होंने किसी तरह सामान को सड़क तक पहुंचाया। कहा कि वे बिना खाए-पिए लगातार सामान ढो रहे हैं। उन्होंने सामान के ढुलान और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की मांग की। पूर्व प्रधान गुमान सिंह और सेवानिवृत्त शिक्षक जसपाल तोमर ने कहा कि ग्रामीणों का भारी भरकम नुकसान हुआ है। फौरी राहत बहुत कम है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों का पुनर्वास सही तरीके से किया जाना चाहिए। यदि आपदा प्रभावितों का अहित हुआ तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने बताया कि आपदा प्रभावितों का आक्रोश स्वाभाविक है। वे स्वयं लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इसे लेकर शासन प्रशासन भी चिंतित है।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने की राशन किट की व्यवस्था
खाद्य आपूर्ति विभाग ने आपदा प्रभावितों के लिए राशन किट की व्यवस्था की है। क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति अधिकारी सुरेंद्र चौहान और जितेंद्र जोशी ने बताया कि इसके साथ ही वाशिंग किट की भी व्यवस्था कराई गई है। आपदा प्रभावितों के लिए 40 सेट रजाई गद्दे की व्यवस्था की गई है।
.
आपदा प्रभावितों के लिए कम्यूनिटी किचन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जीआईसी लांघा, जूनियर हाईस्कूल पष्टा और लांघा स्थित सामुदायिक भवन में रहने की व्यवस्था की गई है। सभी प्रभावित 28 परिवारों को फौरी राहत के तौर पर पांच-पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रत्येक परिवार को 1.30 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। क्षेत्रीय विधायक की अध्यक्षता में इस संबंध में तहसील में संबंधित विभागों की शुक्रवार को बैठक भी बुलाई गई है। - विनोद कुमार, उपजिलाधिकारी