पछवादून संयुक्त समिति ने शीशमबाड़ा स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र से बहकर निकल रही गंदगी पर नाराजगी जताई है। समिति ने केंद्र के प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र से बाहर आ रही गंदगी खेतों व आसन नदी के जल को प्रदूषित कर रही है। जिसके चलते संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। समिति पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी से मामले की जांच करके आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
समिति के सचिव राजेंद्र गंगसारी ने कहा कि कूड़ा निस्तारण केंद्र से क्षेत्रवासियों के सामने आ रही समस्याओं के मद्देनजर कूड़ाघर को हटाने के लिए तमाम तरह के वादे सरकार व नगर प्रशासन के माध्यम से किए जा चुके हैं। लेकिन कूड़ाघर को हटाने की कोई कार्रवाई अभी तक अमल में नहीं लाई गई है। उन्होंने कहा कि उधर कूड़ाघर प्रबंधन लापरवाही की तमाम सीमाओं को पार कर रहा है। कूड़ाघर से लगातार बह रहा जहरीला पानी क्षेत्र के खेतों व आसन नदी तक को प्रदूषित कर रहा है। लेकिन प्रबंधन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि जहरीला पानी खेतों में जाने से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए भी यह स्थिति हानिकारक बनी हुई है। उन्होंने उप जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कूड़ाघर को बंद कराने की मांग की है।
शीशमबाड़ा निवासी परवीन कुमार व अनिल कुमार का कहना है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र से निकलने वाली गंदगी उनके खेतों में भर रही है, जिससे खेती चौपट हो रही है। कहा कि पिछले साल धान की फसल को गंदे पानी के कारण व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचा था। ठीक वैसी ही स्थिति इस बार भी देखने में आ रही है। बरसात के मौसम में कूड़ाघर से भारी मात्रा में निकलने वाला गंदा पानी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है।
कूड़ाघर से निकलने वाली गंदगी से पैदा हो रही समस्या के बारे में जानकारी मिली है। इस संबंध में मौका मुआयना करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी विकासनगर।