इसके बाद पीड़ित जिस क्षेत्र में मौजूद है वहां की पुलिस उसकी मदद के लिए उसके पास पहुंचेगी। यहीं नहीं समस्या का समाधान हुआ या नहीं इसके लिए भी पीड़ित और संबंधित पुलिस अधिकारी से फीड बैक लिया जाएगा। ऐसे में पुलिसकर्मी अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते हैं।
यह एक मास्टर नंबर
डायल 112 पर केवल घटना की ही शिकायत दर्ज नहीं होगी बल्कि फायर स्टेशन, एंबुलेंस की उपलब्धता से लेकर महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायत पर भी यह नंबर डायल कर सकते हैं। हालांकि इन सभी सुविधाओं के लिए अलग टोल फ्री नंबर है। यदि किसी दशा में उन सुविधाओं के नंबर पर संपर्क नहीं हो पाता है तो यह नंबर ही मास्टर नंबर का कार्य करेगा।
जल्द ही 100 नंबर खत्म हो जाएगा। फिलहाल 100 नंबर पर आने वाली कॉल को 112 पर ही डायवर्ट किया हुआ है। 112 डायल करना मौजूदा समय में 100 से बेहतर रहेगा। डायल 112 के कंट्रोल रूम में करीब 30 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिसकी डयूटी राउंड द क्लॉक रहती है।
-एआरओ, मुकेश ठाकुर, पुलिस कंट्रोल रूम