राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर उत्तराखंड के 23 हजार स्कूलों और 20 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर कृमि नाशक दवा खिलाई गई। वंचित बच्चों को 18 और 19 सितंबर को दवा खिलाई जाएगी। प्रदेश में 37.29 लाख बच्चों और किशोर-किशोरियों को दवा खिलाने का लक्ष्य रख गया है।
गांधी इंटरमीडिएट कॉलेज में शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक स्वाति एस. भदौरिया ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के बारे में बताया। उन्होंने कृमि संक्रमण के दुष्प्रभावों को समझाते हुए बच्चों को समय पर दवाएं लेने और स्वच्छता अपनाने पर जोर दिया। कहा, बच्चों, किशोर व किशोरियों में एनीमिया के स्तर को कम करने के लिए इन्हें कृमि मुक्त करना अति आवश्यक है। इस दौरान प्रधानाचार्य एमसी गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय जैन, सहायक निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. कुलदीप मार्तोलिया, सहायक निदेशक डॉ. अर्चना ओझा आदि मौजूद रहे।
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रीठा मंडी से कृमि मुक्ति अभियान का हुआ शुभारंभ
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ मंगलवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रीठा मंडी के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र में किया गया। केंद्र में बच्चों को हाथ धोने का सही तरीका सिखाते हुए शारीरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. निधि रावत की ओर से बच्चों को कृमि मुक्ति के लिए एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि समुदाय स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि एक वर्ष से 19 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे, किशोर-किशोरी कृमि मुक्ति की दवा अवश्य खाएं।