उपजिलाधिकारी कालसी युक्ता मिश्रा ने राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी), राजकीय इंटर कॉलेज, चकराता और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तीन डॉक्टर और 25 शिक्षक शिक्षिकाएं नदारद मिलीं। उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। एक दिन का वेतन काटने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को उप जिलाधिकारी करीब 11 बजे साहिया पहुंची। उन्होंने पहले जीआईसी का निरीक्षण किया। जहां महज दो शिक्षक उपस्थित मिले। प्रधानाचार्य समेत 16 शिक्षक-शिक्षिकाएं नदारद मिले। छात्र संख्या भी बहुत कम मिली। उप जिलाधिकारी ने फोन पर बीईओ और जिला शिक्षा अधिकारी से वार्ता कर नदारद शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीएचसी साहिया का भी निरीक्षण किया। ओपीडी, औषधालय, एक्स-रे मशीन कक्ष, महिला और पुरुष वार्ड भी देखा। जहां तैनात सात डॉक्टरों में से तीन डॉक्टर अनुपस्थित मिले। अमलावा नदी से अस्पताल के नीचे हो रहे कटाव को भी देखा। इस मौके पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विक्रम सिंह तोमर भी मौजूद रहे।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को नदारद शिक्षकों और डॉक्टरों के एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं। सीएचसी की सुरक्षा को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को मौके का निरीक्षण करने को कहा गया है। बतादें कि शिक्षकों समेत अन्य कर्मचारी दूर दराज के क्षेत्रों से आते-जाते हैं। सड़क बंद होने पर अक्सर शिक्षक और कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचा पाते। जिसका खामियाजा छात्रों और स्थानीय जनता को उठाना पड़ता है।