ओपीडी में बच्चों की कतार
ओपीडी में बुखार से पीड़ित बच्चों को लेकर पहुंचने वालों की कतार लग रही है। बड़ी संख्या में बच्चे तेज बुखार से तप रहे हैं। कई की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। डेंगू के लक्षण पर बच्चों के माता-पिता उन्हें मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उपचार के लिए ला रहे हैं।
डेंगू से बच्चों को ऐसे बचाएं
डेंगू किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है, लेकिन बच्चों में इसका असर तेजी से होता है। आमतौर पर डेंगू के लक्षण 2-7 दिनों तक रहते हैं। बच्चे अक्सर घर से बाहर खेलने निकलते हैं। पार्क आदि में खेलते समय बच्चे आसानी से डेंगू की चपेट में आ जाते हैं।
बच्चों में डेंगू के लक्षण
- बच्चों में डेंगू के लक्षण वायरल फ्लू से मिलते जुलते हैं।
- चिड़चिड़ापन, सुस्ती, मसूड़ों या नाक से खून आना, त्वचा पर चकत्ते पड़ना और उल्टी आना।
- थोड़ी-थोड़ी देर पर तेज बुखार आ सकता है।
- आंखों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द और तेज सिर दर्द हो सकता है।
बचाव के उपाय
- बारिश के मौसम में बच्चों को घर से बाहर न निकालें।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
- घर में सफाई रखें। मच्छर मारने वाली दवा का इस्तेमाल करें।
- शाम को खिड़की दरवाजे बंद रखें।
- घर में पानी जमा करके न रखें। उससे मच्छर आते हैं।
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बच्चों में डेंगू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर मेडिकल काॅलेज समेत सभी अस्पतालों में भर्ती कराकर उपचार दिलाया जा रहा है। कंट्रोल रूम के माध्यम से भी बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है। ताकि, कोई बच्चा बगैर उपचार के न रहे।
- सोनिका, डीएम