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I- फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव, जलभराव से निपटने और चालानी कार्रवाई की रूपरेखा तैयारI
डेंगू-मलेरिया का सीजन शुरू होने वाला है। शहर में डेंगू के मरीज भी अब मिलने लगे है। नगर निगम स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों में जुटा है।
बीमारियों को रोकने के लिए मच्छरों पर प्रहार की तैयारी है। निगम ने पांच बिंदुओं पर अपनी रणनीति बनाई है। इनमें कुछ बिंदुओं पर पहले से ही काम चल रहा है तो कुछ पर सोमवार से अमल शुरू हो जाएगा।
Iपहला प्रहार : फागिंग की व्यवस्थाI
निगम ने तीन बड़े वाहनों और 100 छोटी फॉगिंग मशीनों की व्यवस्था की है। सभी 100 वार्ड में इन मशीनों से फॉगिंग किए जाने का प्लान किया जा रहा है। छोटी मशीन से हर वार्ड में रोजाना फॉगिंग किया जाएगा, जबकि बड़ी मशीन सुबह-शाम में दो वार्ड कवर करेगी। छोटी मशीन को फॉगिंग के लिए 10 लीटर डीजल, दो लीटर पेट्रोल और दवाई, तो बड़ी मशीन को 50 लीटर डीजल और दवाई मुहैया कराई जाएगी।
Iदूसरा प्रहार : शिकायत के लिए कंट्रोल रूमI
शहर में जलभराव, लार्वा छिड़काव सहित किसी प्रकार की समस्या हो तो उसके लिए आपदा कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। निगम कार्यालय में कंट्रोल रूम रविवार शाम तक तैयार हो जाएगा। सोमवार को कंट्रोल रूम का नंबर आवंटित करने के साथ स्टाफ की ड्यूटी लगा दी जाएगी। जो शहर के लोगों की कॉल को सुनने के साथ ही उनको एक रजिस्टर में लिखेंगे और समस्या से अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
Iतीसरा प्रहार : जलभराव से निपटने के लिए पंपI
बरसात के मौसम में अक्सर जगह-जगह पानी भर जाता है। कई जगह जल निकासी की व्यवस्था नहीं होती। कई दिनों तक पानी भरे रहने के कारण मच्छर पनपते है और गंदगी हो जाती है। निगम ने इससे निपटने के लिए पांच बड़े, चार छोटे पंप की व्यवस्था की गई है। जहां पर पानी भरेगा वहां से पानी पंप के माध्यम से निकाल दिया जाएगा ताकि मच्छर और गंदगी न फैले।
Iचौथा प्रहार : लार्वा मिला तो होगी कार्रवाईI
अक्सर छत पर रखे पुराने सामान या फिर घर के बगीचे में रखे किसी बर्तन या गमले में बरसात का पानी एकत्र हो जाता है। जिस पर ध्यान नहीं दिया जाता और उसमें मच्छर का लार्वा बन जाता है। नगर निगम ने इसके लिए टीमों का गठन किया है, जिसमें आशाएं भी रहेंगी। यदि ऐसी स्थिति मिली तो चालानी कार्रवाई की जाएगी।
Iपांचवां प्रहार : नालों में दवाई का छिड़कावI
पांच बड़े टैंकर से शहर के नाले-नालियों में लार्वी साइडर का का छिड़काव
वार्डों में कई मोहल्ले ऐसे भी है जहां पर नालों में पानी रुका रहता है। इस पानी में कुछ दिन बाद मच्छरों का लार्वा बन जाता है। इन्हीं नालों और नालियों में दवाई का छिड़काव करने के लिए पांच बड़े टैंकरों की व्यवस्था की गई है। समय-समय पर इन टैंकरों से दवाई का छिड़काव कराया जाएगा।
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Iडेंगू-मलेरिया से निपटने के लिए निगम की ओर से तैयारियां की गई है। स्वास्थ्य अनुभाग को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि सभी वार्डों में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव हो। समस्या के त्वरित समाधान के लिए निगम में कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है।
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I- गौरव कुमार, नगर आयुक्तI