- परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र में देने का किया विरोध, शासनादेश को वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा यमुना घाटी के आह्वान पर सभी कर्मचारी संगठनों ने आम सभा का आयोजन कर लखवाड़ भवन पर प्रदर्शन किया। डाकपत्थर की परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र में देने का विरोध करते हुए शासनादेश को वापस लेने की मांग की। आमसभा की अध्यक्षता कर रहे कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी नीटू डाबरा व संजय राणा ने कहा कि शासन ने डाकपत्थर जल विद्युत परियोजना के परिचालन कार्यों के लिए मिली हुई परिसंपत्ति, आवासीय कॉलोनी, स्कूल, वर्कशॉप, टेस्टिंग लैब आदि की भूमि को यूआईआईडीबी को हस्तांतरित करने का आदेश जारी किया है। कर्मचारी-अधिकारियों को अंधेरे में रखकर यह निर्णय लिया गया है। इस आदेश से ग्राम पंचायत जीवनगढ़, डाकपत्थर, ढालीपुर के अलावा, स्नातक से लेकर प्राइमरी शिक्षा तक के लगभग 10 विद्यालय, व्यापारिक संस्थान, अस्पताल, मंदिर, गुरुद्वारा व परियोजना क्षेत्र में खड़े हजारों हरे-भरे वृक्ष प्रभावित होंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा यदि परिसंपत्तियों के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाती है तो कर्मचारी आंदोलन को तेज करेंगे। सभा में दीपक बुटोला, अभय सिंह, सुल्तान सिंह चौहान, रमेश जोशी, पंकज नैथानी, विकास पुंडीर, भगवान प्रसाद, शशांक पांडेय, यशपाल बिष्ट, विवेक कुमार, विकास नेगी, संजय कुमार, छोटू तोमर, विशाल, मोहम्मद रियाज, रिंकी तोमर आदि मौजूद रहे।