रुद्रसेना देवभूमि फाउंडेशन के पदाधिकारी व सदस्यों ने वन गुर्जरों के अवैध कब्जों के खिलाफ तहसील में धरना प्रदर्शन किया। इस मामले में जिलाधिकारियों के निर्देश पर चल रही जांच को डेढ़ माह का समय बीत जाने पर भी नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि 20 मई को तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।सेना के पदाधिकारी व सदस्यों ने तहसील मुख्यालय पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पूर्व में उनके माध्यम से किए गए धरने-प्रदर्शनों के बाद तहसीलदार त्यूणी ने वन गुर्जरों से संबंधित अवैध कब्जों के मामलों की जांच करने के लिए दस मई तक का समय दिया था। परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा जिलाधिकारी देहरादून ने भी इस मामले की जांच के लिए तहसील प्रशासन को 15 दिन का समय दिया था। मगर डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी जांच कहां तक पहुंची कुछ पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि वन गुर्जरों के पास एक या दो पशु हैं। लेकिन, परमिट 30 पशुओं का बना रहे हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकारी, बंजर जमीन पर बने सभी रिहायशी आवासों व अवैध कब्जों को उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुक्रम में हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा त्यूणी व चकराता तहसीलों में फर्जी तरीके से बंदोबस्त में नाम दर्ज कराई गई जमीनों को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि 20 मई को सेना तहसील मुख्यालय पर फिर से प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा जिलाधिकारी कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रुद्रसेना के संगठन मंत्री भानु प्रताप सिंह राणा, मनोज बिजल्वाण, नीलकांत जगलान, सतपाल राणा, मातवर राणा, झड़ूराम शर्मा, कीर्ति रावत आदि शामिल रहे।