परेड ग्राउंड से कैंडल मार्च निकालते तिब्बती समुदाय के लोग।
देहरादून। रीजनल तिब्बतन यूथ कांग्रेस डिकलिंग और रीजनल तिब्बन वूमेन्स एसोसिएशन डिकलिंग ने ल्हासा में चीन की ओर से 1987 प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने के विरोध में काला दिवस मनाया। तिब्बती समुदाय के लोगों ने सोमवार को प्रेस क्लब से लैंसडौन चौक तक कैंडल मार्च निकाला और तिब्बत की आजादी के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि ल्हासा में शांतिपूर्व प्रदर्शन कर रहे बौद्ध भिक्षु, लामा, स्कूली छात्रों और आम नागरिकों को चीनी सेना ने बलपूर्वक कुचल दिया था। दून में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भारत तिब्बत सहयोग मंच, तिब्बत फ्रेंडस समूह के लोग भी शामिल हुए। प्रदर्शन में अजय शर्मा, तिब्बतन विचारक आछा साम्यकी, शेरिंग तोप्ग्याल, याशी, शेरिंग डोलकर, शेरिंग जिम्पा, तेनजिंग नोरबू आदि मौजूद रहे।