शहर के एकमात्र महिला पीजी कॉलेज एमकेपी में इस साल 50 फीसदी यूजी की सीटें भरना भी मुश्किल लग रहा है। कॉलेज में अधिकतर ऐसी छात्राएं दाखिले के लिए आ रही हैं जिन्होंने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) ही नहीं दिया है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर दोबारा सीयूईटी करवाने की मांग की है।
प्राचार्य प्रोफेसर सरिता कुमार ने बताया, करीब 300 ऐसी छात्राएं अपना नाम और एप्लिकेशन देकर जा चुकी हैं जिन्होंने सीयूईटी नहीं दी है। इनके अभिभावक भी कॉलेज में गुहार लगा रहे हैं कि सीयूईटी के बिना दाखिला देना हो तो इन छात्राओं को वरीयता दी जाए। इसलिए, कॉलेज प्रशासन की मांग है कि सीयूईटी के बिना दाखिला देने की इजाजत दी जाए। यदि यह संभव नहीं है तो सीयूईटी दोबारा करवा दी जाए। जिन छात्राओं को जानकारी नहीं थी वे परीक्षा देकर कॉलेज में दाखिला ले सकेंगी।
1380 में से 50 सीटें ही भरीं
बता दें कि कॉलेज में 1380 सीटों के सापेक्ष अब तक सिर्फ 50 छात्राओं ने दाखिला लिया है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन ने यूजीसी और एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि को पत्र लिखकर सीयूईटी से राहत देने की मांग की थी। लेकिन, वहां से राहत नहीं मिली। लिहाजा अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सीयूईटी दोबारा करवाने की मांग की गई है।