केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बुधवार को देहरादून के झाझरा स्थित आईटीआई दून संस्कृति स्कूल में विशिष्ट अधिगम अक्षमता एवं ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए प्रदेश के पहले राज्य स्तरीय मैपिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य दिव्यांग बाल अभियान के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद तरुण विजय और विधायक खजान दास भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान रामदास अठावले ने विद्यार्थियों से संवाद किया और दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया। विद्यालय में पूर्वोत्तर राज्यों के करीब 150 विद्यार्थी और 67 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संस्थान लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में स्थापित है, जहां विद्यार्थियों को समावेशी वातावरण में शिक्षा प्रदान की जा रही है।
अठावले ने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता और प्रतिभा को कम नहीं करती। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। उन्होंने पैरालंपिक खेलों में भारतीय पैरा-एथलीटों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों ने देश के लिए कई पदक, जिनमें स्वर्ण पदक भी शामिल हैं, जीते हैं।
उन्होंने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। संस्थान को मजबूत करने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय से अनुदान प्राप्त करने की दिशा में सहयोग का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने परिसर में एक अन्य विद्यालय शुरू करने तथा शैक्षणिक सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था का सुझाव दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि देश में 2.68 करोड़ से अधिक दिव्यांगजन हैं। सरकार दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक समावेशन के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों से संबंधित विभिन्न पहलों के लिए लगभग 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नशा मुक्ति केंद्रों की भी हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों से संबंधित पहलों की भी जानकारी ली गई। अठावले ने बताया कि देशभर में 790 नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और कल्याणकारी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।