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I- दो आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड भी मंजूर, बीआरआईटी ने नहीं बनाया था कैमराI
संदिग्ध रेडियोएक्टिव उपकरण के संबंध में परमाणु ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट देहरादून पुलिस को मिल गई है। उन्होंने इसकी जांच भाभा परमाणु शोध संस्थान (बीएआरसी) मुंबई से कराने की संस्तुति की है। अब इस उपकरण को जांच के लिए न्यायालय के आदेश पर मुंबई भेजा जा रहा है। उधर, इस मामले में विस्तृत पूछताछ के लिए तीन आरोपियों का पुलिस को कस्टडी रिमांड मिल गई है। पुलिस अब इनसे पूरे प्रकरण को लेकर पूछताछ करेगी।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गत 11 जुलाई को राजपुर थाना क्षेत्र स्थित पूर्व आयकर अधिकारी के आवास पर छापा मारा गया था। यहां से एक रेडियोग्राफी कैमरा और इसके साथ एक संदिग्ध रेडियोएक्टिव उपकरण बरामद हुआ था। मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त एसडीआरएफ और नरोरा परमाणु ऊर्जा केंद्र से आई टीम ने परीक्षण किया था। उपकरण में कुछ रसायन होने की पुष्टि नरौरा से आई टीम ने की थी। इसके बाद से लगातार विभिन्न पहलुओं को लेकर जांच की जा रही थी। जिनसे इन उपकरणों की खरीद बताई गई तो उस आरोपी राशिद को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
रेडियोग्राफी कैमरे पर निर्माण संस्था का नाम बोर्ड ऑफ रेडिएशन एंड आइसोटॉप टेक्नोलॉजी (बीआरआईटी) लिखा हुआ था। इस कैमरे के फोटोग्राफ बीआरआईटी को भेजे गए थे। वहां से भी पुलिस को रिपोर्ट मिल चुकी है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि यह कैमरा उनकी संस्था में नहीं बना है। ऐसे में मामले की जांच और विस्तृत पूछताछ के लिए आरोपी तबरेज आलम और सुमित पाठक की न्यायालय से पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी गई थी।
न्यायालय ने तीन दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी है। बताया जा रहा है कि इस डिवाइस को सुमित पाठक ने अपने यहां बनाया था। वह दिल्ली में पुराने सामान बेचने और खरीदने का काम करता है। ऐसे में पुलिस इन आरोपियों को लेकर दिल्ली भी जा सकती है।