पुलिस उप महानिरीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि राजपुर थाना क्षेत्र के दून विहार निवासी बुजुर्ग आनंद प्रकाश चौहान (65) एमसीडी दिल्ली से सेवानिवृत्त थे। वे पांच फरवरी को सुबह 8:30 साढ़े पैतृक गांव जखौली सोनीपत (हरियाणा) जाने की बात कहकर घर से निकले थे। चौहान के गांव नहीं पहुंचने और मोबाइल बंद होने पर परिजनाें को शक हुआ।
पत्नी सीमा उर्फ शैलजा चौहान ने राजपुर थाने में पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसपी सिटी श्वेता चौबे की अगुवाई में गठित टीम तब से जांच में जुटी थी। कई दिन की भागदौड़ के बाद पुलिस ने बुजुर्ग की कत्ल की गुत्थी को सुलझा दिया।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि आनंद प्रकाश चौहान और नरपाल में अच्छी दोस्ती थी। इस कारण चौहान अपनी हर बात उससे कर लेते थे। चौहान अपनी पत्नी के व्यवहार से काफी परेशान थे। नरपाल ने तांत्रिक से मिलाकर इस समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया था।
पांच फरवरी को नरपाल की रिश्ते की साली सरोजबाला चौहान के साथ कार में गई थी। नरपाल और उसका भाई प्रेमपाल उस दिन ही नजीबाबाद से बस में सवार होकर गैंडीखाता आए। तीनों तांत्रिक से मिलाने के बहाने चौहान को जंगल में ले गए और उन्हीं की पेंट से गला दबाकर हत्या कर दी थी।
आरोपी चौहान की कार व अन्य सामान लूटकर फरार हो गए थे। छह फरवरी को आनंद प्रकाश चौहान का शव लावारिस में बरामद हो गया था। राजस्व पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद लावारिस में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। फोटो के आधार पर परिजनों ने आनंद प्रकाश के शव की पहचान की।
चार फरवरी को निकाले थे डेढ़ लाख
देहरादून। डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि चौहान ने हत्या से एक दिन पहले अपने खाते से डेढ़ लाख की रकम निकाली थी। यह रकम लेकर पांच फरवरी को चौहान हरियाणा के लिए निकले थे। जांच में पता चल सकेगा कि इसके अलावा भी चौहान के पास रकम थी या नहीं। यह भी चर्चाएं हैं कि चौहान ने किसी और से भी रकम ली थी।
पुलिस अभिरक्षा में आरोपी नरपाल ने बताया कि ट्यूमर के इलाज के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। इसलिए भाई और रिश्ते की साली के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। आनंद चौहान उसका दोस्त था। वह चौहान और उनकी पत्नी के बीच अनबन और आर्थिक स्थिति से वाकिफ था। उसने सरोजबाला के साथ हत्या की साजिश डेढ़ माह पहले ही बना ली थी। आरोपी नरपाल पूर्व में भी बिजनौर से तीन बार जेल जा चुका है।
40 हजार रुपये में बेच दी थी कार
एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि चौहान की हत्या कर लूटी गई कार 40 हजार रुपये में बेच दी थी। पुलिस ने आरोपी प्रेमपाल की निशानदेही पर बेची गई कार को बरामद कर लिया है। देर रात तक पुलिस की कार्रवाई चल रही थी।
पुलिस टीम को पुरस्कार
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने टीम में शामिल एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ डालनवाला विवेक कुमार, राजपुर एसओ अशोक राठौड, एसएसआई संदीप रावत, जाखन चौकी प्रभारी योगेश चंद पांडेय, ज्योति प्रसाद उनियाल, मोहन सिंह, कांस्टेबल मनमोहन सिंह, मुकेश बटोला, भरत, प्रमोद, अमित चौधरी, देवेन्द्र ममगांई आदि को पुरस्कृत करने की घोषणा की।