ऑनलाइन बैटिंग साइट से लेते थे लाइन
नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी लोकेंद्र बहुगुणा के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह 2000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से ऑनलाइन बैटिंग साइट से लाइन लेते थे। इस पर मैच व सट्टे का रेट चलता रहता है। उसके बाद वह लोगों से फोन के माध्यम से संपर्क कर सट्टा लगवाते थे।
यूपीआई के माध्यम से लेनदेन
आरोपी यूपीआई के माध्यम से लेनदेन करते थे। सट्टा लगाने वाले को यह अंदाजा लगाना होता था कि 6, 10, 15 और 20 ओवर में कितने रन बनेंगे। यदि, अंदाजा सही निकलता तो लगाई गई रकम की दोगुनी वापस की जाती थी।
हर मैच में लगाते थे 6 से 7 लाख का सट्टा
आरोपी प्रत्येक मैच में लगभग छह से सात लाख रुपये का सट्टा लगवाते हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह आईपीएल के इस सीजन में अब तक करीब दो करोड़ रुपये का सट्टा लगवा चुके हैं। वे मुजफ्फरनगर, मेरठ, देहरादून और अन्य स्थानों के लोगों से पैसा लगवाते हैं। पुलिस से बचने के लिए वह किसी एक स्थान पर ज्यादा दिन नहीं रुकते।