यूपी पुलिस से बचकर दून में पहचान बदलकर रह रहे जब्बार गैंग के एक कुख्यात को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के मुताबिक वह जल्द ही किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। जब्बार गैंग के इस बदमाश के खिलाफ उत्तर प्रदेश और हिमाचल में कई मुकदमे दर्ज हैं। यह गैंग रोडवेज बसों में लूटपाट के लिए कुख्यात है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पिछले दिनों यूपी पुलिस ने एसटीएफ को कई बदमाशों और गैंग के बारे में सूचना दी थी। बताया गया था कि ये बदमाश उत्तराखंड में छिपे हुए हैं। इन्हीं सूचनाओं को पुख्ता करते हुए सोमवार को एक सटीक जानकारी जब्बार गैंग के सदस्य के बारे में मिली। इस पर एसटीएफ के इंस्पेक्टर संदीप नेगी ने अपनी टीम के साथ सहस्रधारा रोड स्थित एक अपार्टमेंट में छापा मारा। यहां से एक बदमाश को गिरफ्तार किया गया।
उसके कमरे से एक देशी तमंचा और कुछ कारतूस बरामद हुए। उसने अपना नाम पहले विवेक बताया। लेकिन, मौके से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान कपिल देव पुत्र नैन सिंह निवासी बादी नक्कुड़ सहारनपुर के रूप में हुई। कपिल के खिलाफ सहारनपुर और आसपास के थानों में 10 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वह हिमाचल पुलिस के द्वारा भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्तमान में वह यहां पर अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था।
रोडवेज बस में करते थे लूटपाट
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि जब्बार गैंग रोडवेज बसों में लूटपाट के लिए कुख्यात है। हालांकि, बीते कुछ सालों से गैंग शांत था। लेकिन, कपिल किसी न किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में लगा रहता था। वर्ष 2009 में उसने और उसके साथियों ने गागलहेड़ी सहारनपुर में रोडवेज बस में लूटपाट की थी। इसके कुछ दिनों बाद ही उसने फतेहपुर में एक व्यापारी से लाखों रुपये की नगदी लूटी थी। गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर संदीप नेगी, एसआई उमेश कुमार आदि शामिल थे।