लोगों की गाढ़ी कमाई ठगने वाले तीन शातिर साइबर ठगों को एसटीएफ ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह खुद को टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बताकर बीएसएनएल की केवाइसी के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। ठग लोगों के बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल करने के बाद खाते से रकम उड़ाते थे।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में देहरादून निवासी गोपाल कृष्ण शर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। गोपाल कृष्ण शर्मा ने बताया था कि बीएसएनएल मोबाइल सिम केवाईसी अपडेट कराने की बात कह कर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराने के बाद मोबाइल एवं नेट बैंकिंग का एक्सेस हासिल कर 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की पहचान की गई। जांच में पाया गया कि साइबर ठगी के लिए जो सिम इस्तेमाल किया गया वह पश्चिम बंगाल के फर्जी पते पर लिए गए थे। ठगी की रकम दिल्ली, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान सहित अन्य राज्यों के बैंक खातों, गोल्ड लोन खातों मे ट्रांसफर की गई थी।
साइबर अपराधियों ने ठगी के एक लाख 35 हजार से कुछ सामान ऑनलाइन भी खरीदा। दो आरोपियों को आठ अप्रैल 2021 को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की जानकारी मिली।
इसी आधार पर तीन सदस्यों की 16 अप्रैल को दिल्ली से गिरफ्तारी की गई। इनके पास से सिम व क्रेडिट कार्ड बरामद हुए हैं। आरोपियों की शिनाख्त दीपक मेहता निवासी, अमित कुमार निवासी अशोक विहार, मुकेश कुमार निवासी थाना भलस्बा डेरी के रूप में हुई है।