फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun: बेरोजगारों को ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार, ऐसे बनाते थे अपना शिकार

Thu, 04 Feb 2021 09:09 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया में नौकरी के नाम पर कई युवाओं से हड़पे 10-10 लाख रुपये
  • फर्जी आई कार्ड और ज्वाइनिंग लेटर दिया, तीन महीने की ट्रेनिंग भी कराई
  • एसटीएफ ने किया खुलासा, उत्तराखंड में अभी तक सामने आए छह मामले
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं से 10-10 लाख रुपये हड़पने वाले गैंग के एक सदस्य को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। गैंग ने कई राज्यों में युवाओं से ठगी की है। फिलहाल एसटीएफ को छह शिकायतें मिली हैं। जिन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी, एसटीएफ ने उन्हें सीज करा दिया है। 

विज्ञापन


एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की शिकायत मिली थी। मामले में एसटीएफ ने गोपनीय जांच कराई। इसी दौरान देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

उसने बताया कि दो लोगों ने एफसीआई में नौकरी के नाम पर उससे दस लाख रुपये लिए थे। आरोपियों ने उसका पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल भी कराया और एफसीआई का कार्ड और ज्वाइनिंग लेटर भी उसे दिया। इसके बाद तीन माह का प्रशिक्षण भी गोरखपुर में कराया गया। लेकिन, ज्वाइनिंग लेटर में लिखी तारीख पर आरोपियों ने फोन ही नहीं उठाया। शक होने पर वह ज्वाइनिंग लेटर और आईकार्ड लेकर एफसीआई देहरादून के कार्यालय पहुंचा तो पता चला कि दोनों फर्जी हैं। 
विज्ञापन


शिकायत पर एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज कर जांच की। मामले में एक आरोपी विकास चंद्रा निवासी बाला सुंदरी मंदिर, आईटी पार्क, सहस्रधारा, देहरादून मूल निवासी ग्राम कंडेई, चाकीसैंण पौड़ी गढ़वाल को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में ठगी में एक बड़े नेटवर्क का पता चला है। बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। 

ऐसे करते थे ठगी
विकास चंद्रा ने पूछताछ में बताया कि वह और उसके साथी एक बड़ा गैंग चलाते हैं। जब सरकार एफसीआई, रेलवे और एम्स आदि में भर्ती के लिए विज्ञप्ति निकालती है तो वे बेरोजगारों से संपर्क कर उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देते हैं। इसके बदले में उनसे लाखों रुपये लेते हैं। युवाओं को शक न हो इसलिए वह उनका पुलिस वेरिफिकेशन, मेडिकल, इंटरव्यू और इसके बाद ट्रेनिंग भी कराते हैं। फर्जी आईडी कार्ड और ज्वाइनिंग लेटर भी दिए जाते हैं। पता चलने पर वह अपने फोन नंबर बंद कर देते हैं। 

कई युवाओं को बना चुके शिकार 
एसटीएफ की पूछताछ में पता चला है कि गैंग अभी तक कई युवाओं से लाखों रुपये ठग चुका है। एसटीएफ के मुताबिक उत्तराखंड से ही छह शिकायतें मिल चुकी हैं। ठगों ने कई राज्यों में युवाओं से ठगी की है। अन्य प्रदेशों में ठगी की घटनाओं के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। एसएसपी ने बताया कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए थे, उन्हें फ्रीज करवा दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें