आरोपी विजय इससे पहले भी कई अपराध कर चुका है। उसने पूछताछ में बताया कि वह 10वीं पास है और नौकरी न लगने के कारण खर्चों की पूर्ति के लिए चोरी व ठगी की घटनाएं करता है। वर्ष 2019 में कोटद्वार व ऋषिकेश में उसने स्कूटर व मोबाइल चुराए थे। इन घटनाओं में ऋषिकेश पुलिस ने उसे पकड़ा, जिसके बाद वह सुद्धोवाला जेल चला गया। यहां आठ महीने की सजा पूरी करने के बाद वह छूट गया। कोटद्वार के मुकदमे में पौड़ी जेल चला गया।
विश्वास में लेकर मौका पाते कर जाता था चोरी
सजा पूरी करने के बाद वह एक वेडिंग प्वाइंट में खाना बनाने का काम करने लगा। मालिक का विश्वास जीता तो मालिक ने उसे कमरे की चाभी दे दी, लेकिन वहां से वह चोरी कर भाग गया। कुछ दिन वह ऋषिकेश में रहा। पैसा खत्म होने के बाद वह अल्मोड़ा पहुंचा। यहां 10-15 दिन दुकान में काम किया और अपने परिचित की बाइक व पैसे लेकर देहरादून आ गया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक सीज कर दी। देहरादून से भागकर वह हरिद्वार चला गया, वहां होटल में रूम सर्विस का काम किया, लेकिन दो-तीन दिन बाद वहां से भी उसने 40 हजार रुपये चुरा लिए।
चुराई थी आईडी
आरोपी ने सुनील कुमार की आईडी चुराई थी। इसी आईडी का इस्तेमाल उसने सेलाकुई में रुकने के लिए भी किया, लेकिन कहीं पकड़ में नहीं आया। एसएसपी ने बताया कि सुनील कुमार से भी पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि उसने अपना पर्स खो जाने की पुष्टि की थी। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
लिपस्टिक से लिखा था हत्या का कारण
आरोपी के खिले जिन अक्षरों की कहानी में पुलिस उलझी हुई थी। वह असल में उसने हत्या का कारण लिखा था। पुलिस के अनुसार उसने लिपस्टिक से लिखा था कि यह लड़की मुझसे स्मैक मांग रही थी, इसलिए मैने इसकी जान ले ली। हालांकि, इन वाक्यों को उसने तौलिये से मिटा दिया था। इनमें से केवल क और ज अक्षर ही बचे थे।