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देहरादून: फाइनेंस कंपनी के चार लोगों पर मुकदमा दर्ज, चार साल पहले मृत युवक को जिंदा दिखाकर किया लोन में फर्जीवाड़ा

Thu, 23 Apr 2020 08:25 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • 2015 में हुई शख्स की मौत, वर्ष 2019 में चेक जारी करना दर्शाया
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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देहरादून में चार साल पहले मरे हुए युवक को जिंदा दर्शाकर चेक जारी करने के फर्जीवाड़े में एक फाइनेंस कंपनी के चार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वर्ष 2015 में शख्स की मौत हुई हो गई थी। लेकिन, उनके नाम से 2019 में चेक जारी करना दर्शाया गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।

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राजपुर रोड निवासी मधु गुप्ता ने डालनवाला कोतवाली में दीवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड मुंबई के निदेशक, महाप्रबंधक और प्रबंधकों समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें उन्होंने बताया कि उनके पति संजीव कुमार गुप्ता का देहांत 20 सितंबर 2015 को हो गया था।

मौत के कुछ समय बाद फाइनेंस कंपनी के एक अधिकारी ने उनसे संपर्क किया। बताया गया कि उनके पति ने कंपनी से ऋण लिया था। लेकिन, अभी तक देनदारी शेष है। कंपनी ने ऋण विधिवत रूप से संजीव कुमार का बीमा कर सुरक्षित कराया था।

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बीमित धनराशि से ऋण समायोजित कर लिया जाएगा। उन्हें केवल मूल धनराशि अदा करनी है। मधु गुप्ता ने उसी समय शेष राशि अदा कर दी। उस समय कई काग़जातों पर उनके साइन भी कराए गए थे। ऋण पूरा हुआ। उसके बाद कोई पत्राचार नहीं हुआ।

तीन फरवरी 2020 को फाइनेंस कंपनी का एक नोटिस फिर मिला। इसमें कहा गया कि मेरे पति ने 16 दिसंबर 2019 को एक चेक देनदारी स्वीकारते हुए प्रदान किया था। लेकिन, चेक का भुगतान नहीं हो पाया है। जबकि, पति संजीव गुप्ता की मौत वर्ष 2015 में हो गई थी। ऐसे में वर्ष 2019 में वह कैसे चेक जारी कर सकते हैं। पुलिस ने दस्तावेजों में हेराफेरी करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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