सीसीटीवी फुटेज में 10 जून की रात घर में घुसता दिखा शाहबाज
कुछ दिन बाद काशिफ के पिता ने तहरीर में अनम के भाई शाहबाज पर हत्या का शक जताया। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पता चला कि शाहबाज 10 जून की रात घर आया था। इसके बाद 11 और 12 जून की रात में एक गाड़ी भी घर के बाहर आकर रुकी थी। जांच में यह गाड़ी अवशद निवासी सहारनपुर की पाई गई।
अवशद ने बताया कि शाहबाज उसकी गाड़ी लेकर गया था।उसने बताया कि वह मोहंड में एक पार्टी में शरीक होने गया था। इस पर पुलिस को शक हुआ तो शाहबाज से पूछताछ की गई। अपने खिलाफ सारे सुबूत देखकर शाहबाज थोड़ी देर में ही टूट गया। उसने सारी कहानी पुलिस के सामने उगल दी।
काशिफ को गला रेत और अनम को गला घोंटकर मारा
शाहबाज ने बताया कि आठ साल पहले उसके पिता की मौत हाइड्रा के नीचे दबकर हो गई थी। इसे काशिफ का भाई चला रहा था। उन्होंने जानबूझकर उसके पिता को मारा था। उस वक्त वह छोटा था तो बदला नहीं ले सका। पिछले साल वह दुष्कर्म के मामले में जेल चला गया। इस बीच काशिफ ने उसकी बहन को भगाकर शादी कर ली। जब वह जेल से बाहर आया तो सभी उसका मजाक उड़ाने लगे।
इस सबका जिम्मेदार वह काशिफ को मानने लगा। उसने बदला लेने के लिए काशिफ से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं। वह काशिफ का साझीदार बनकर काम करने लगा। गत 10 जून को काशिफ ने ही उसे उत्तरकाशी चलने के लिए बुलाया था। वहां काशिफ ने मैगी बनाई और तीनों खाने के बाद सो गए, लेकिन शाहबाज नहीं सोया। उसने रात में किचन से चाकू उठाया और काशिफ का सोते हुए गला रेत दिया। अनम की आंख खुली तो उसने शोर मचाने का प्रयास किया, मगर शाहबाज ने गला दबाकर उसे भी मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वहां से चला गया।
दीवार से मिटा दिए खून के धब्बे, चाकू जंगल में फेंका
शाहबाज ने जब काशिफ का गला रेता तो खून का फव्वारा छूट पड़ा। कुछ धब्बे दीवार पर भी लगे। जाते वक्त वह उन्हें कपड़े से साफ कर गया। इसके बाद चाकू भी उसने अपनी जेब में रख लिया और उसे आशारोड़ी में जंगल में फेंक दिया। फिलहाल पुलिस को हत्या में प्रयुक्त चाकू नहीं मिला है।
शवों को ठिकाने लगाने आया था अगले दिन
शाहबाज अकेले होने के कारण उस दिन शवों को नहीं ले जा सका था। उसे लगा कि बच्चे के रोने की आवाज कोई सुनेगा तो मामला खुल ही जाएगा, लेकिन जब वहां से काई खबर नहीं आई तो वह 11 और 12 जून की रात अपने दोस्त के साथ गाड़ी लेकर आया। उसने यहां से शवों को ले जाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया।