फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण: पुलिस ने उठाया वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एक और कदम

Sat, 06 Oct 2018 11:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण में पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एक और कदम उठाया है। पुलिस ने पीड़िता के पिता की आवाज का नमूना (वायस सैंपल) जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। यह सैंपलिंग न्यायालय के आदेश पर की गई है। 

विज्ञापन


बता दें कि बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप की पीड़िता के पिता ने तहरीर दी थी। इस तहरीर के साथ ही पुलिस ने उनके आरोपों की वायस रिकॉडिंग भी की थी। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने इस रिकॉर्डिंग के लिए वायस सैंपल लेने के लिए पुलिस को आदेश दिए थे। एसओ सहसपुर नरेश सिंह राठौर ने बताया कि इस इस सैंपल को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भिजवाया है। ताकि इसका शिकायत की वायस रिकॉर्डिंग से मिलान किया जा सके। पुलिस के अनुसार इस तरह से इस मामले में एक और वैज्ञानिक साक्ष्य मिल जाएगा। इससे अभियोजन का पक्ष मजबूत होगा और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में मदद मिलेगी। अब तक पुलिस इस मामले में 10 से ज्यादा वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा चुकी है। 

बचाव पक्ष ने पुलिस से मांगे दस्तावेज, जमानत पर नहीं हुई सुनवाई 
बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण में प्रबंधन के पांचों आरोपियों की जमानत पर अर्जी पर शुक्रवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। इस बार यह चौथा मौका था जब सुनवाई टाल दी गई। अब बचाव पक्ष ने पुलिस से केस से संबंधित दस्तावेज लेने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र दिया है। इस प्रार्थनापत्र पर शनिवार को सुनवाई होगी और इसके बाद 10 अक्तूबर को जमानत पर सुनवाई का दिन मुकर्रर किया गया है।  छात्रा से गैंगरेप की घटना सामने आने के बाद स्कूल की निदेशक, प्रिंसिपल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, उसकी पत्नी व आया को गिरफ्तार किया गया था। ये सभी आरोपी 18 सितंबर से जेल में बंद हैं। आरोपियों की ओर से विशेष पॉक्सो न्यायाधीश रमा पांडेय की अदालत में जमानत याचिका दी गई थी।
विज्ञापन


पहली तिथि 22 सितंबर को अभियोजन की ओर से समय मांगा गया, जिस पर 24 सितंबर को दोनों पक्ष अदालत पहुंचे। इस बार भी अभियोजन ने ही जरूरी दस्तावेज उपलब्ध न होने के कारण दो दिन का और समय मांग लिया। इसके बाद सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख तय हुई। इस बार बचाव पक्ष ने तैयारियों के लिए समय देने की मांग की। इस पर अदालत ने पांच अक्तूबर की तिथि नियत की थी। शुक्रवार को दोनों पक्ष अदालत में पेश हुए, लेकिन बचाव पक्ष ने जमानत अर्जी पर सुनवाई स्थगित करने की गुजारिश की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजीश शर्मा ‘बंटू’ ने बताया कि उन्होंने अदालत से मांग की है कि पुलिस द्वारा उन्हें केस से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। ताकि बचाव के लिए बहस की जा सके। इस पर अदालत ने उनका प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया है। इस पर सुनवाई शनिवार को होनी है। अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि जमानत पर सुनवाई 10 अक्तूबर को होगी।   

हॉस्टल से शिफ्ट होंगे 135 छात्र
राजपुर रोड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के हॉस्टल से 135 छात्रों को अब दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। यहां छात्र और छात्राएं एक ही हॉस्टल में रह रहे थे। निजी बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से गैंगरेप की घटना के बाद राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने इसके निर्देश दिए थे। शिक्षा विभाग ने छात्रों के लिए आराघर स्थित प्राइमरी स्कूल भवन को चिह्नित किया है। 

निजी बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से गैंगरेप की घटना सामने आने के बाद विद्यालय प्रबंधन से जुड़े लोगों ने राज्यपाल को पत्र भेजा था। उन्होंने पत्र भेजकर छात्रावास में छात्र-छात्राओं को एक साथ रखे जाने की जानकारी दी। इस पर राज्यपाल ने जिलाधिकारी को छात्रों को अलग जगह रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन और मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी ने विद्यालय के प्रधानाचार्य हुकुम सिंह उनियाल के साथ मिलकर आराघर स्थित प्राइमरी स्कूल को छात्रों के हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। प्रधानाचार्य हुकुम सिंह उनियाल ने बताया कि विद्यालय में 102 छात्राएं और 168 छात्र अध्ययनरत हैं। इनमें से 135 छात्र नौ वर्ष से अधिक आयु के हैं, जिन्हें अब किसी अन्य स्थान पर रखा जाएगा। छात्रों को आराघर स्थित प्राइमरी स्कूल में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। 

दो कमरों में कैसे रहेंगे 135 छात्र
आराघर स्थित जिस प्राइमरी विद्यालय में अब छात्रों को रखने की तैयारी है, वहां केवल दो कमरे ही खाली है। ऐसे में 135 छात्र कैसे दो कमरों में एडजस्ट होंगे, यह देखना होगा। वहीं, छात्रों के लिए शौचालय, स्नानघर, खेलने की जगह भी नहीं है। साथ ही उनके लिए खाना पकाने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। विद्यालय के प्रधानाचार्य हुकुम सिंह उनियाल ने बताया कि बच्चों को वहां रख पाना खासा मुश्किल होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें