फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: कर्मचारी न वेतन, हड़प लिए पीएफ के 32 लाख रुपये, दून में बनी कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Sat, 06 Jan 2024 06:38 PM IST
रेनू सकलानी करन सिंह दयाल, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

देहरादून में बनी कंपनी ने दो साल तक फर्जी तरीके से करीब 32 लाख रुपये से ज्यादा का पीएफ हड़पा। कंपनी का यह फर्जीवाड़ा जैसे ही ईपीएफओ के सामने आया कंपनी से जुड़े लोग दून से भाग गए।
विज्ञापन
पीएफ - फोटो : Getty Images
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दून में बनी कंपनी सनराइज सिक्योरिटी एंड सर्विसेज ने दो साल तक फर्जी तरीके से करीब 32 लाख रुपये से ज्यादा का पीएफ हड़प लिया। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। इस कंपनी से अब तक 16 लाख रुपये की वसूली भी हो गई है।

कर्मचारी ने पीएफ घोटाले का खेल 2020 से शुरू किया। फर्जी तरीके से कर्मचारी दिखा और वेतन भुगतान कर कंपनी हर महीने पीएफ की रकम हड़पती रही। यह सिलसिला साल 2022 तक जारी रहा। इन दो वर्षों में कंपनी करीब 32 लाख रुपये के पीएफ का घोटाला कर चुकी थी।

विज्ञापन


कंपनी का यह फर्जीवाड़ा जैसे ही ईपीएफओ के सामने आया कंपनी से जुड़े लोग दून से भाग गए। कंपनी ने नगर निगम के वार्ड-40 में अपना कार्यालय बनाया था। ईपीएफओ ने कंपनी के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

ओप्पो और इनोविजन से वसूले 22 लाख रुपये

कंपनियों के हक का पैसे हड़पने में मोबाइल कंपनी ओप्पो और सिक्योरिटी कंपनी इनोविजन लिमिटेड भी पीछे नहीं हैं। इन दोनों कंपनियों से भी ईपीएफओ ने 22 लाख रुपये से ज्यादा की रकम वसूल ली है। ये कंपनियां वर्षों से कर्मचारियों के पीएफ की रकम अपने खाते में जमा करा रही थीं। जबकि, कंपनी के रिकॉर्ड में पीएफ का पैसा कर्मचारियों के खाते में जमा दिखाया जा रहा था।

ये भी पढ़ें...नम आंखों से ‘वीरू’ को विदाई:  उत्तराखंड पुलिस ने खोया अपना सदस्य, 17 साल सेवा देकर ऐसे बनाई थी खास जगह

कंपनी ने दो साल तक करीब 32 लाख रुपये का पीएफ घोटाला किया है। इस कंपनी से 16 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इसके अलावा, उन वैध कंपनियों पर भी कार्रवाई जारी है जो कर्मचारियों के हक का पैसा हड़प रही हैं। - विश्वजीत सागर, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ
 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें