सेलाकुई। माया देवी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानवता के लिए वरदान या अभिशाप विषय पर शुक्रवार को वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की। विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका उद्देश्य तार्किक चिंतन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। पक्ष में बोलने वालों ने शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य में इसकी उपयोगिता बताई। विपक्ष ने रोजगार, डेटा गोपनीयता और नैतिक चुनौतियों जैसे मुद्दे उठाए। डीन महेंद्र सिंह पाल ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सकारात्मक उपयोग सीखने को कहा। वाइस चांसलर आशीष सेमवाल ने वाद-विवाद को तार्किक क्षमता का माध्यम बताया। अवंतिका रावत, दीक्षा और खुशी भारती ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में आरबी सिंह और एके दीक्षित शामिल रहे। संवाद