नगर निगम की ओर से 100 वार्डों में स्ट्रीट लाइटें तो लगाई गई हैं, लेकिन कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें शोपीस बनी हुई हैं। लाइटें खराब होने के कारण वार्डों में कई जगह अंधेरा पसरा हुआ है। निगम में स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है, लेकिन सुध लेने को कोई तैयार नहीं है।
यहां तक कि पार्षद तक लाइटों को ठीक कराने की गुहार कई बार लगा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही, जिससे पार्षदों को भी क्षेत्रीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम के सभी वार्ड में ईएसएल कंपनी की ओर से शहर में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। पुराने वार्ड में शुरुआत में स्ट्रीट लाइटे लगाई गईं। इसमें 30 हजार पोल लगाने के साथ ही करीब 96 हजार सोडियम लाइटों की जगह एलईडी लाइट लगवाई गईं, लेकिन बरसात के दौरान अधिकांश स्ट्रीट लाइटें खराब हो गईं।
इन्हें ठीक कराने के लिए लगातार कंपनी से शिकायतें की जा रहीं, लेकिन समस्या तस की तस है, जिससे डोभालवाला, मेंहूवाला, मसूरी कॉलोनी, बनियावाला, सेवली, माउंट एन्क्लेव, चुक्खूवाला, खुड़बुड़ा मोहल्ला, रायपुर रोड, सरस्वती विहार, लाडपुर, इंदिरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में रात को अंधेरा छाया रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस संबंध में नगर निगम के साथ ही पार्षद से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई भी सुध लेने वाला नहीं है।
रोज पहुंच रही 40 से 50 शिकायतें
निगम में स्ट्रीट लाइटें खराब होने की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। रोज 30 से 40 शिकायतें फोन पर या खुद लोग दफ्तर जाकर दर्ज करा रहे, लेकिन शिकायतों का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। हालांकि, कंपनी की ओर से इसकी जांच जरूर की जा रही, लेकिन लाइन दुरुस्त नहीं की जा रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग तो बार-बार शिकायत के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी लाइट ठीक नहीं हो रही है।
हफ्ते में एक दिन हर वार्ड में जाने के थे निर्देश
लगातार आ रही शिकायतों के बाद नगर आयुक्त ने लाइटों का काम देख रही ईएसएल कंपनी को सप्ताह में एक दिन हर वार्ड में जाकर लाइटें ठीक करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी कंपनी के लोग न तो वार्डों में जा रहे और न ही लाइटें ठीक हो रही हैं।
स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायतें को गंभीरता से लिया जा रहा है। इसके लिए कंपनी को निर्देशित किया गया है कि जल्द लाइटें ठीक करने का काम करें। रोज इसकी मॉनीटरिंग करने के लिए भी कहा गया है। अगर कंपनी की ओर से लापरवाही बरती जा रही, तो जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
- मनुज गोयल, नगर आयुक्त