लखवाड़ बांध के निर्माण से प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने जल विद्युत निगम पर अनियमितता का आरोप लगाते उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप लगाया है कि प्रभावितों की परिसंपत्तियों का सही ढंग से सत्यापन नहीं किया जा रहा है। कहा कि यदि उनके अधिकारों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया तो वह आंदोलन करेंगे।
शुक्रवार को कालसी क्षेत्र की निर्माणाधीन लखवाड़ बांध परियोजना से प्रभावित ग्राम लखवाड़, लक्सयार, लुधेरा आदि के ग्रामीणों ने एकत्र होकर बांध प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया। इसके बाद ग्राम लुधेरा में बांध प्रभावित समिति के अध्यक्ष जगमोहन सिंह चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई। ग्रामीण अजय तोमर ने कहा कि उत्तराखंड जल विद्युत निगम की ओर से किया जा रहा परिसंपत्तियों का सत्यापन त्रुटियों से भरा हुआ है। जिन स्थानों पर सत्यापन किया जा रहा है वहां झाड़ी व घास उगी हुई हैं। आरोप लगाया कि सत्यापन से पहले झाड़ी कटान के लिए लाखों रुपये की निविदा आमंत्रित की गई थी, लेकिन अभी तक काम नहीं किया गया है। निगम ने सत्यापन का कार्य प्रारंभ कर दिया है। समिति के अध्यक्ष जगमोहन सिंह चौहान व सचिव नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उनके माध्यम से तहसील प्रशासन व जल विद्युत निगम से झाड़ी और घास काटने के पश्चात ही भौतिक सत्यापन करने का अनुरोध किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा यदि निगम ने अपना रवैया नहीं बदला तो बांध प्रभावित ग्रामीण आंदोलन करेंगे। इस मौके पर पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख भजन सिंह तोमर, पंडित मायाराम, अमीर सिंह, राजेंद्र सिंह चौहान, खेम सिंह तोमर, दर्शन लाल, दिनेश तोमर, जवाहर सिंह, रणवीर सिंह, शशिदास, प्रदीप उनियाल आदि उपस्थित रहे।