ऋषिकेश पहुंचने में ही बच्चों को छह से सात घंटे लग रहे
मेरठ और बरेली में अधिक बच्चों को केंद्र आवंटित किए गए। जबकि हमारे यहां इतनी जगह थी कि पूरे क्षेत्र के बच्चे कवर हो सकते थे। इनको यह पता नहीं है कि पहाड़ में एक से दूसरे जगह की दूरी कितनी है। श्रीनगर के बच्चों को हल्द्वानी और बरेली केंद्र आवंटित किया गया। पर्वतीय मार्ग का सफर और ऊपर से यात्रा सीजन ऐसे में ऋषिकेश पहुंचने में ही बच्चों को छह से सात घंटे लग रहे हैं।
एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल बताते हैं एजेंसी ने परीक्षा के नाम पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। उन्होंने यूजीसी एवं गढ़वाल विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों को प्रवेश परीक्षा की बाध्यता से मुक्त रखने को कहा है।
हमारे हाथ में कुछ नहीं है सब दिल्ली से हो रहा है। इस समस्या से एजेंसी को अवगत कराया गया, कई बार पत्र लिखा, मौखिक भी अवगत कराया, गढ़वाल के बच्चों को पहले कुमाऊं फिर देहरादून में सेंटर दिया गया, परीक्षा से छूटे बच्चों की फिर परीक्षा कराई जा रही है। - प्रो.अनिल कुमार नौटियाल, गढ़वाल विश्वविद्यालय के सीयूईटी के नोडल अधिकारी
श्रीनगर: अब 12, 14 और 16 जून को होनी है परीक्षा
गढ़वाल विवि में अभी तक 5 से 8 जून तक लगभग 130 छात्रों ने परीक्षा दी है। यहां 9 और 10 जून को भी परीक्षा होनी थी, लेकिन बाद में स्थगित कर दी गई। वहीं एनआईटी में अभी तक 8 जून को ही परीक्षा हुई है। संस्थान को 12, 14 व 16 जून को परीक्षा के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक संस्थान को शिड्यूल नहीं मिल पाया है। केंद्र व्यवस्थापक प्रो.वाईपी रैवानी बताते हैं हमारी ओर से तीनों शिफ्टों में लगभग 300 छात्रों की व्यवस्था है, लेकिन काफी कम छात्रों को केंद्र आंवटन हो रहा है।
नई टिहरी: देहरादून के बदले मुजफ्फरनगर दे दिया परीक्षा केंद्र
व्यवस्था से मायूस छात्रा सोनाली रमोला ने बताया कि सीयूईटी की बीएड प्रवेश परीक्षा फार्म में टिहरी, देहरादून और रुड़की के लिए परीक्षा केंद्र चुना था। लेकिन मुजफ्फरनगर का परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। जबकि फार्म में मुजफ्फरनगर का कोई ऑप्शन भी नहीं था। जिससे आठ जून को प्रस्तावित प्रवेश परीक्षा छोडऩी पड़ी। इसी तरह छात्रा प्रतिभा रावत ने बताया कि एमए में प्रवेश के लिए पौड़ी और देहरादून का ऑप्शन दिया था। लेकिन हल्द्वानी आवंटित कर दिया गया है। काफी दूर होने के कारण मजबूरन परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे। संवाद
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श्रीनगर: एनटीए की लापरवाही पड़ रही छात्र-छात्राओं पर भारी
सीयूईटी (संयुक्त विवि प्रवेश परीक्षा) के लिए गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय और एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड में परीक्षा केंद्र बनाए जाने के बावजूद यहां बहुत कम संख्या में अभ्यर्थियों का आवंंटन हो रहा है। परीक्षा करा रही एजेंसी एनटीए (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) केंद्रों को समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करा रही है। साथ ही ऐन मौके पर केंद्र में परीक्षा निरस्त कर दी जा रही है जबकि दोनों संस्थानों ने अपनी ओर से केंद्रों में पूरी व्यवस्था की हुई है।