चकराता के जाड़ी-लोखंडी में बुधवार को दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज बारिश के साथ ओले पड़ने लगे। लगभग दो घंटे तक ओलावृष्टि जारी रही। मार्गों पर ओले जमने से कई वाहन फंस गए। ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जाड़ी-लोखंडी में दोपहर बाद चार बजे से आसमान में बादल छाने लगे। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ देर बाद ओलावृष्टि शुरू हो गई। इससे क्षेत्र के कंडमाण, लोखंडी, लोहारी, जाड़ी, सिजला, कोटि-कनासर, धरनाधार आदि के पहाड़, पगडंडी और क्षेत्र से होकर गुजरने वाले मोटरमार्गों पर आधा फिट तक ओले जम गए। इसके चलते सड़कों पर दौड़ रहे वाहन फंस गए। बारिश खुलने के बाद वाहन आगे बढ़े। ओलावृष्टि से क्षेत्र में तैयार हो रही मटर, बींस, लहसुन, प्याज, गोभी, हरी मिर्च और शिमला मिर्च की फसल बर्बाद हो गई है। स्थानीय किसान ध्यान सिंह राणा, प्रताप सिंह, अजब सिंह, रोहन राणा, श्याम सिंह, जयपाल सिंह, केशर सिंह आदि ने बताया कि ओले गिरने से सब्जी के अलावा सेब, खुबानी, फुलम, कीवी, चुल्लु, नाशपाती, आड़ू को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने शासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है।