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रोडवेज के साथ ही निजी बस चालकों परिचालकों के सामने भी वेतन भुगतान का गंभीर संकट

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माई सिटी रिपोर्टर देहरादून परिवहन निगम के साथ ही निजी बस चालकों, परिचालकों के सामने भी वेतन भुगतान का गंभीर संकट है। देहरादून ड्राइवर, कंडक्टर यूनियन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर वेतन दिलाए जाने की गुहार लगाई है । यूनियन अध्यक्ष शीशपाल सिंह की अगवाई में जिलाधिकारी से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव को बताया कि कोरोना संकट के शुरू होने के साथ ही निजी बसों का संचालन पूरी तरह से ठप है। ऐसे में देहरादून, विकासनगर, डाकपत्थर में 400 से अधिक निजी बस चालकों, परिचालकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट है। यूनियन पदाधिकारियों का आरोप है कि निजी बस संचालकों द्वारा चालकों, परिचालकों को वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में चालक परिचालक भुखमरी की कगार पर हैं। यूनियन पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी डॉ श्रीवास्तव से अनुरोध किया कि वे इस प्रकरण में हस्तक्षेप करने के साथ ही चालकों परिचालकों की मदद करें। बता दें कि लॉकडाउन लागू होने के साथ ही निजी निजी बसों का संचालन पूरी तरह से ठप है। हालांकि अनलॉक- वन के दौरान सरकार, शासन और परिवहन विभाग की ओर से सार्वजनिक वाहनों के संचालन की अनुमति गई है। जिसमें 50 फ़ीसदी यात्री क्षमता के साथ निजी बसों को भी संचालित करने की अनुमति गई है। लेकिन इसके बावजूद यात्रियों की कमी के चलते निजी बस संचालक गाड़ियों को संचालित नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यात्रियों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। वहीं चालको परिचालकों के सामने भी गंभीर आर्थिक संकट है।
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