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प्रेमिका ने छोड़ा तो युवक ने प्रेमिका को फंसाने के लिए अपने ऊपर चलवाईं गोलियां, ऐसे खुली साजिश

Sun, 15 Jul 2018 09:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
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firing - फोटो : Demo photo
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एक युवक ने प्रेमिका को जानलेवा हमले में फंसवाने के लिए साथियों से अपने ही ऊपर गोलियां चलवा दीं, जिससे वह घायल हो गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद उसके साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सारी हकीकत उगल दी। इस पर पुलिस ने घायल और उसके दो साथियों के खिलाफ दुष्प्रेरण और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। घायल अभी अस्पताल में भर्ती है।

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लक्ष्मीपुर पट्टी निवासी सुशील सैनी पुत्र धर्मवीर का मुरादाबाद रोड पर वाशिंग सेंटर है। वर्ष 2008 में उसका विवाह मोहल्ले के ही भीम सिंह सैनी की पुत्री कविता से हुआ था। उसकी एक बेटी भी है। रविवार सुबह अस्पताल से पुलिस को मेमो भेजकर सुशील को गोली लगने की सूचना दी गई। इस पर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर देखा तो सुशील के कंधे के नीचे दाएं हाथ पर गोली का निशान मिला। पूछताछ में सुशील ने जानकारी दी कि वह डिजाइन सेंटर के पास खड़ा था। तभी चेहरे पर कपड़ा बांधे एक युवक ने उसे गोली मार दी।

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें लक्ष्मीपुर पट्टी निवासी रईस पुत्र मुन्ना दिखाई दिया। पुलिस ने रईस को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सारी कहानी उगल दी। उसने बताया कि सुशील ने उसके और खालिद कालोनी निवासी शेरअली के साथ मिलकर अपनी प्रेमिका को फंसाने के लिए खुद को गोली मरवाई थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा बरामद कर लिया। इस मामले में बांसफोड़ान चौकी प्रभारी जयपाल सिंह की ओर से तीनों आरोपियों के खिलाफ दुष्प्रेरण रचने और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।        
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प्रेमिका की बेवफाई से सुशील पर सुशील ने देहरादून में चस्पा करा दिए थे भद्दे पोस्टर        
परिवार की जिम्मेदारियों से बेपरवाह सुशील ने प्रेमिका पर खुले हाथ से दौलत लुटाई लेकिन प्रेमिका ने उससे नजरें फेरीं तो सुशील ने युवती के भद्दे पोस्टर छपवाकर देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में चस्पा करा दिए थे।
वर्ष 2009 में गोरखपुर का एक परिवार लक्ष्मीपुर पट्टी में किराए पर रहने आया। इस परिवार की पुत्री सुशील के संपर्क में आ गई और दोनों में प्यार हो गया। बताया जा रहा है कि सुशील ने युवती पर खूब पैसा खर्च किया और पढ़ाई में भी उसकी मदद की। वर्ष 2014 में उक्त युवती किसी दूसरे युवक के संपर्क में आ गई, जिससे सुशील का युवती से विवाद हो गया। परेशान होकर युवती के परिजन देहरादून शिफ्ट हो गए।

उसने रायपुर क्षेत्र में ब्यूटी पार्लर खोल लिया लेकिन सुशील ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। उसने उसका फोटो लगाकर ब्यूटी पार्लर के नाम का प्रयोग करते हुए उसके भद्दे पोस्टर देहरादून, रायवाला, रायपुर, डोईवाला आदि क्षेत्रों में चस्पा करा दिए। पोस्टर पर दिए गए युवती के नंबर पर भद्दी काल्स आने लगीं। इससे परेशान युवती ने मामले की शिकायत रायपुर थाना पुलिस से की। इस मामले की जांच रायपुर थाने के उपनिरीक्षक मनोज रावत को सौंपी गई। एसआई ने सुशील को फोनकर रायपुर थाने पहुंचने को कहा। खुद को फंसता देख उसने पूर्व प्रेमिका को जेल भिजवाने के लिए साजिश रच डाली और अपने दो मित्रों की मदद से खुद को गोली मरवाकर घायल कर दिया।

दो दिन पूर्व रची थी हमले की पटकथा
प्रेमिका को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए सुशील ने दो दिन पूर्व षड़यंत्र रचा था। रायपुर थाने के उपनिरीक्षक का फोन आने पर उसने रविवार को थाने पहुंचने की बात कही थी। इधर, उसने अपने खास मित्र शेर अली और रईस को प्लानिंग में शामिल किया। गोली चलने के बाद दोनों को घटना को हमले के रूप में प्रचारित करने का जिम्मा सौंपा गया था। दोनों ने ऐसा किया भी, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ा रईस सवालों में उलझ गया। सख्ती करने पर उसने पूरी पटकथा से पर्दा हटा दिया। सुशील का इरादा उक्त युवती के खिलाफ प्रपंच रचकर उसे बदनाम करने का था। वह काशीपुर के एक पत्रकार के साथ न्यूज चैनल में बात करने के लिए रविवार को देहरादून जाने वाला था। पत्नी कविता से वह देहरादून जाने की बात कहकर निकला था। डिजाइन सेंटर के सामने उसने भटूरे खाए और फिर स्वयं पर गोलियां चलवाईं।

अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज बनी मददगार       
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो उसे वाशिंग सेंटर से लगे अस्पताल का सीसीटीवी नजर आया। इसकी फुटेज देखने पर पुलिस पूरा माजरा समझ गई। सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में सुशील सैनी सेंटर के अंदर जाते हुए दिखा। कुछ देर बाहर घूमने के बाद फिर अंदर चला गया। थोड़ी देर में मुंह पर कपड़ा बांधे एक युवक आता दिखाई दिया। इसके पीछे ही रईस भी आता हुआ दिखाई दिया। रईस बाहर एक खोखे पर बैठ गया, जबकि कपड़ा बांधा शेर अली सेंटर के अंदर चला गया। करीब सात-आठ मिनट बाद वह सेंटर से बाहर निकला और भाग गया। रईस कुछ देर उसे देखता रहा और बाद में सेंटर के अंदर गया। इस दौरान उसने सुशील के मोबाइल से अपना नंबर भी डिलीट कर दिया।

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