इधर, पुलिस ने गुरमीत के ससुर ग्राम रम्पुरा निवासी कुलदीप सिंह की तहरीर पर उनकी बेटी सुमन और सुनील कुमार निवासी ग्राम सैटाखेड़ा थाना टांडा जिला रामपुर (यूपी) और हाल निवासी नई बस्ती मानपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
सख्ती से पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि उनके आपस में अवैध संबंध थे। सुमन ने सुनील से मकान बनाने के लिए जगह खरीदी थी और मकान बनाने के लिए रुपये उधार भी लिए थे। सुमन पर सुनील की करीब 11 हजार रुपये देनदारी और है। चूंकि सुनील का घर भी सुमन के बगल में बन रहा है, लिहाजा सुनील का सुमन के घर आना-जाना हो गया।
बाद में दोनों के अवैध संबंधों के बारे में सुमन के पति गुरमीत सिंह को पता चल गया था। गुरमीत ने कई बार सुमन को संभलने को कहा था और इस बात को लेकर सुमन और गुरमीत का आपस में झगड़ा भी होता रहता था। अब गुरमीत की मौत और मां के जेल जाने से उनके बच्चों बेटी सोना (5) और पुत्र प्रभजोत (2) का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
घटना का खुलासा करते हुए एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र और सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि गुरमीत को रास्ते से हटाने के लिए सुमन ने पांच नवंबर की दोपहर सुनील से फोन पर बात की। सुनील ने रात को गुरमीत को ठिकाने लगाने को कहा। सुनील देर रात सुमन के घर आया तो गुरमीत ने उसके इतनी रात को घर आने का विरोध किया। इस पर सुनील ने उसे धक्का दे दिया, जिससे गुरमीत गिर गया।
सुमन ने गुरमीत के हाथ पकड़े और सुनील ने उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसके गले में चुन्नी बांधकर बरामदे की छत पर लगी बल्ली से शव को लटका दिया। सुनील ने सुमन से कहा कि लोगों के पूछने पर वह गुरमीत के फांसी लगाने की बात कहे।
पुलिस ने सुमन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चुन्नी बरामद कर ली। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई बीएस बिष्ट, एसआई लाखन सिंह, पीडी जोशी, कांस्टेबल मनोज देवड़ी, ध्यान सिंह, सतीश भट्ट, ऋचा तिवारी आदि थे।