नंदा देवी महोत्सव के अंतिम दिन शनिवार को खाकी पर दाग लग गया। रक्षक बने भक्षक पुलिस कर्मियों ने सार्वजनिक स्थल पर किशोरियों के साथ अश्लीलता की।
यही नहीं पुलिस का रौब दिखाते हुए देख लेने की धमकी भी दी। घटना से गुस्साए क्षेत्रवासियों ने आरोपियों को पकड़कर मेला चौकी पुलिस के हवाले कर दिया।
चोरी में फंसाने की बात पर भड़के लोग
यहां पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय प्रदर्शनकारियों की वीडियो रिकार्डिंग कर उन्हें वायरलेस चोरी की धाराओं में फंसाने की बात कहने पर क्षेत्रवासी भड़क गए और लगभग 4 घंटे मेला चौकी में फिर कोतवाली में प्रदर्शन किया। पुलिस कर्मी के निलंबन के बाद मामला शांत हुआ।
शनिवार सायं लगभग 7 बजे सिख समाज की किशोरी दो दोस्तों के साथ मेले में घूम रही थी। इसी बीच अपने को पुलिस कर्मी बताने वाले तरुण, उसके साथ आकाश एवं अन्य उनका पीछा करने लगे। कोलंबस झूले में बैठने पर वह झूले वाले को दबंगई दिखाते हुए ठीक उनके पीछे बैठ गए। इस दौरान उनके साथ अश्लीलता करने लगे।
किशोरियों की शिकायत पर अन्य युवक विरोध करने लगे तो दोनों ने पुलिसिया रौब दिखाकर उनके साथ भी मारपीट शुरू कर दी, जिसे देख मौके पर भीड़ बढ़ गई और दोनों को सबक सिखाकर मेला चौकी के हवाले कर दिया, जहां किशोरियों के बचाव में आए लोगों के साथ पुलिस की अभद्रता तथा उन्हें चोरी के इल्जाम में फंसाने की बयानबाजी पर मामला भड़क गया।
इसके बाद लगभग 8 बजे सैकड़ों लोग पहले मेला परिसर फिर कोतवाली में प्रदर्शन एवं मुख्य मार्ग में चक्का जाम करने लगे। कई बार स्थिति आपे से बाहर भी हुई, जिसे बमुश्किल काबू पाया जा सका।
किशोरी के पिता की तहरीर के आधार पर कोतवाली में तरुण, आकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। प्रदर्शनकारियों में सिख संगठन, छात्र संगठन, व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन समेत नगर के सैकड़ों लोग मौजूद थे।
घटना की सूचना के बाद से ही पुलिस क्षेत्राधिकारी हरीश कुमार मौके पर थे। उन्होंने रात्रि एसएसपी की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी प्रदर्शनकारियों को दी, जिसके बाद वह मौके से गए और रात्रि 8 बजे से शुरू हुआ पुलिस विरोधी प्रदर्शन 12 बजे थम सका।
कोतवाली पुलिस में दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 504, 506,
323, 354क के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। पुलिस कर्मी तरुण का निलंबन
भी कर दिया गया है।
- विम्मी सचदेवा, एसएसपी