देहरादून की मद्रासी कॉलोनी से गायब हुई आठ साल की भगवती की तलाश दर्दनाक अंजाम पर खत्म हुई।
12वीं में पढ़ने वाले रिश्ते के मामा ने ही चंद रुपयों के लिए उसकी हत्या कर दी थी। खबर लिखे जाने तक बच्ची का शव बरामद नहीं हो पाया था। जुए में हारने के बाद मामा ने पांच से दस हजार रुपए के लिए उसे उठाया था।
लक्खीबाग चौकी क्षेत्र की मद्रासी कॉलोनी निवासी छोले विक्रेता अनोखे लाल की आठ साल की बेटी भगवती उर्फ भागो 16 मार्च को शाम छह बजे घर के बाहर खेलते हुए गायब हो गई थी। कई दिन की माथापच्ची के बाद पुलिस को पास ही रहने वाले रिश्ते के मामा धन सिंह (19) पर शक हुआ।
शनिवार सुबह पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपी टूट गया। उसने भगवती की हत्या कर शव को रेलवे लाइन के पास फेंकने की बात कबूल ली। देर रात तक पुलिस और एसओजी टीम आरोपी को लेकर घूमती रही, लेकिन शव नहीं मिल पाया।
कोतवाली इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट ने बताया कि इंटर में पढ़ने वाला धन सिंह जुए में 20 हजार रुपए हार गया था। इसीलिए धन सिंह ने भगवती को कुछ देर गायब कर जीजा अनोखे लाल से पांच से दस हजार रुपए वसूलने की योजना बनाई थी। उसे पता था कि अनोखे लाल छोटी बेटी भगवती को बहुत प्यार करता है।
अपहरण का शोर-शराबा होने पर घबरा गया था आरोपी
भगवती को पांच रुपए का लालच देकर वह अपने साथ ले गया था। बच्ची को एक स्थान पर बैठाकर वह उस रात घर भी आया था, लेकिन अपहरण का शोर-शराबा होने पर वह घबरा गया था। इसके बाद उसने बच्ची की हत्या कर शव फेंक दिया। धन सिंह अनोखे लाल की सास के भाई का बेटा है। आरोपी और पीड़ित परिवार मूल रूप से बरेली निवासी बताए गए हैं।
फर्जी आईडी पर लिया था सिम
अपहरण के बदले रकम मांगने के लिए आरोपी ने फर्जी आईडी पर एक मोबाइल सिम भी खरीद लिया था। हालांकि वह इसका प्रयोग नहीं कर पाया था। सूत्रों का कहना है कि आरोपी से सिम बरामद हो गया है।
धन सिंह को दिया था सहारा
धन सिंह के पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। इस बेसहारा परिवार को अनोखे लाल नहीं ही सहारा दिया था। उन्होंने धन सिंह को बाइक भी खरीदकर दी थी। बेटी की हत्या में उसकी संलिप्तता से पूरा परिवार सकते में हैं। पिता अनोखे लाल का कहना था कि अपने ने ही उन्हें खून के आंसु रुला दिए। अब यही कामना है कि किसी तरह बेटी के अंतिम दर्शन हो जाएं।
बेटी को पाला था बेटे की तरह
पिता अनोखे लाल ने बेटी भगवती को बेटे की तरह पाला था। पांच बच्चों में सबसे छोटी भगवती पिता की लाडली थी।
गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर लिया गया है। हत्या की बात शव मिलने के बाद ही पुख्ता हो पाएगी। हालांकि, आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है।
- मनोज कत्याल, सीओ सिटी