शनिवार को रुड़की में गोदाम की चौकीदारी में लगे चाचा भतीजे की बेरहमी से हुई हत्या ने सबको हिला कर रख दिया। मामाले का पताल लगते ही पूरे शहर में सनसनी फैल गई। कातिल ने दोनों के सिर और कनपटी पर मरने तक वार करते रहे। आगे जानिए पूरी कहानी...
हत्या के बाद दोनों के शव लकड़ी के तख्त पर पड़े हुए थे। बदमाशों ने कोई लूटपाट नहीं की। इससे माना जा रहा है कि बदमाश केवल हत्या के इरादे से गोदाम में घुसे। शिनाख्त न हो पाए इसके लिए आरोपी सीसीटीवी कैमरे भी उखाड़ ले गए। दोहरे हत्याकांड से पुलिस प्रशासन में अफरा-तफरी की स्थिति है। शव कब्जे में लेकर पुलिस फरार आरोपियों का सुराग लगाने में जुट गई है।
सिविल लाइंस जादूगर रोड निवासी रमेश गुप्ता के पास जिंदल पाइप आदि की एजेंसी हैं। इसके लिए इन्होंने कोतवाली रुड़की अंतर्गत बेलड़ी साल्हापुर गांव में केल्हणपुर मार्ग पर ‘उत्तराखंड पंप एंड पाइप’ नाम से एक गोदाम बना रखा है। शेरपुर निवासी इंद्र कुमार सैनी (70 वर्ष) और उनका भतीजा मेघराज सिंह सैनी (50 वर्ष) कई दिन से गोदाम में चौकीदारी कर रहे थे।
दरवाजा खोलते ही उड़ गए होश
शनिवार रात भी चाचा-भतीजे चौकीदारी करने पहुंचे थे। रविवार सुबह करीब सवा सात बजे हिसार निवासी चालक राममेहर जिंदल फैक्ट्री (हिसार) से ट्रक में पाइप आदि लेकर गोदाम पहुंचा। इसके मुख्य गेट का छोटा दरवाजा खुला था। चालक जब अंदर गया तो गेट के बराबर में लगी टीन के नीचे दो लकड़ी के तख्त पड़े हुए थे।
इनमें से एक पर इंद्र कुमार और दूसरे पर मेघराज पड़ा हुआ था। दोनों के ऊपर चादर थी। चालक ने उठाने के लिए उन्हें हिलाया तो दोनों को खून से लथपथ देख होश उड़ गए। उसने तुरंत इसकी सूचना गोदाम मालिक रमेश गुप्ता को दी। रमेश गुप्ता ने कोतवाली रुड़की पुलिस को इसकी जानकारी दी।
डबल मर्डर की सूचना पर पुलिस और गोदाम मालिक मौके पर पहुंचे। इंद्र कुमार और मेघराज सिंह के सिर और कनपटी पर किसी धारदार हथियार से हमलाकर हत्या की गई थी। दोनों के कान कटे हुए थे। गोदाम में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, लेकिन बदमाश इसे उखाड़कर ले गए थे।
इसी बीच मौके पर एसएसपी हरिद्वार कृष्ण कुमार वीके, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी क्राइम प्रकाश चंद, सीओ रुड़की एसके सिंह, सीओ मंगलौर, इंस्पेक्टर गंगनहर, कोतवाली रुड़की और कलियर थानाध्यक्ष आदि डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे। उसके बाद फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट लिए। मामले में अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।