... आखिर कौन है डॉ. अहमद
कोकीन के धंधे के मुख्य सरगना के रूप में किसी डॉ. अहमद का नाम सामने आ रहा है। यह डॉ. अहमद कौन है, इसका पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती होगा। एक बात यह है कि व्यक्ति डॉक्टर कुछ ही शर्तों पर बन सकता है या तो एमबीबीएस किया हो या पीएचडी की हो या फिर उस व्यक्ति को कोई मानद उपाधि मिली हो। इसके अलावा, नाम के आगे डॉक्टर तभी लग सकता है कि अमुक व्यक्ति का किसी ने उपनाम ही रख दिया हो। सवाल यह है कि यह डॉ. अहमद कैसा डॉक्टर है? पुलिस को अब इन सब सवालों के जवाब ढूंढने होंगे। खास बात यह भी है कि इस डॉ. अहमद का नाम अपराध की दुनिया में पहली बार सामने आया है।
...कहीं नेपाल तो भेजी जा रही थी कोकीन
लाखों रुपये कीमत की कोकीन के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों के किसी तस्कर के कैरियर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। पकड़े गए दोनों आरोपियों की घरेलू पृष्ठभूमि मजदूर की है। ऐसे में सवाल उठता है कि इनके पास लाखों की कोकीन कहां से आ गई? क्षेत्र में कोकीन के उपभोक्ता भी नहीं है। इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि नशे का कारोबार कोई और कर रहा है। यह दोनों महज कैरियर है, जो माल को इधर से उधर पहुंचाने का काम करते हैं। पुलिस ने अगर जांच की लाइन सही दिशा में बढ़ाई तो पुलिस के हाथ अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह तक पहुंच सकते हैं।
बताया जाता है कि कोकीन का प्रयोग भारत में कम होता है। वहीं, इसका बड़ा बाजार नेपाल है, जहां विदेशी इसका इस्तेमाल करते हैं। कोकीन अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते भारत और यहां से नेपाल होकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाती है। नेपाल में विदेशी सैलानी आते हैं। इसलिए नेपाल में इसकी बड़ी डिमांड हैं। ऐसी संभावना हो सकती है कि पकड़े गए दोनों कैरियर कोकीन को किसी तस्कर से पाकिस्तान सीमा से रिसीव कर नेपाल ले जा रहे थे या नेपाल ले जाने वाले कोरियर को देने के इंतजार में थे कि पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।