सीबीआई कोर्ट ने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) से सेवानिवृत्त अधिकारी को आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में दो साल के कारावास के साथ पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
डालनवाला के बलबीर रोड निवासी और एमईएस से सेवानिवृत्त अधिकारी आरएस रावत के खिलाफ 1979 में आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत हुई थी। सीबीआई की जांच में रावत के पास आय से अधिक संपत्ति पाई गई थी। सीबीआई ने 28 अगस्त 1990 को आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया था।
जांच पड़ताल के बाद सीबीआई ने रावत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। सीबीआई ने कोर्ट के सामने नौ लाख 85 हजार रुपये की संपत्ति ज्यादा मिलने के प्रमाण पेश किए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से 58 गवाह प्रस्तुत किए गए।
सीबीआई कोर्ट ने सुनवाई के बाद रिटायर्ड अधिकारी रावत को दो साल के कारावास और पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी। सीबीआई के वरिष्ठ अभियोजक पंकज गुप्ता के मुताबिक तीन साल से कम की सजा होने के कारण आरोपी ने कोर्ट जमानत ले ली है।