विदेश भेजने के लिए हर सप्ताह होने वाले इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट में असल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देते हुए नौ युवकों को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। पकड़े गए युवक बीटेक और एमटेक के छात्र बताए गए हैं, जो लालच में फंसकर जेल पहुंच गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है।
नेहरू कालोनी के एक होटल में हर सप्ताह विदेश भेजने के लिए इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट होता है। बृहस्पतिवार को परीक्षा में सत्यापन के दौरान यह जालसाजी सामने आई। केयर आफ प्लेनेट एजूकेशन एग्जाम प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक मनोज सिंह निवासी, 40 सेक्टर, दिल्ली की शिकायत पर मौके पर पहुंची नेहरू कालोनी पुलिस ने आरोपियों शुभांकर निवासी गोल मार्केट मेरठ
आदित्य सिंह निवासी इलाहाबाद, कैलाश भारती निवासी सीईएल कालोनी गाजियाबाद, फ रीद अहमद निवासी कैनाल रोड देहरादून, गुरजीत सिंह निवासी टर्नर रोड दून, मनप्रीत निवासी कैनाल रोड गणपति अपार्टमेंट देहरादून, सतनाम सिंह निवासी पटेरी पोस्ट ऑफि स किच्छा ऊधमसिंह नगर, गुरु प्रताप सिंह निवासी लखीमपुर खीरी, जसकरण निवासी दिनेश पुर ऊधमसिंह नगर को गिरफ्तार कर लिया
जबकि टेनी निवासी दिनेशपुर ऊधमसिंह नगर फरार हो गया। जसकरन और टेनी चचेरे भाई बताए गए हैं। इंस्पेक्टर राजेश शाह ने बताया कि इनके खिलाफ जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। परीक्षा कराने वाली संस्था का विदेश की कई कंपनियों से अनुबंध है, जो संबंधित अभ्यर्थियों को वीजा उपलब्ध कराने से पहले यह परीक्षा कराती है।
20 हजार के लालच में फंसे
पकड़े गए नौजवान बीटेक और एमटेक कर चुके है। परीक्षा देने के बदले उन्हें बीस हजार रुपये का भुगतान होना था। कुछ ने एडवांस के तौर आधी रकम प्राप्त कर ली थी।