उदाली तिहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी प्रीतम सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
टनकपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा तिहरे हत्याकांड का शातिर बदमाश प्रीतम सिंह एक पिकअप बुक कराकर हल्द्वानी आ रहा था लेकिन रास्ते में चालक से तकरार होने पर वह नीचे उतर गया। चूंकि प्रीतम सिंह 2017 में रुद्रपुर निवासी संजीव की अपहरण की आशंका मामले में वांछित है। इसलिए यहां उसे एक पुलिसकर्मी ने उसे पहचान लिया और ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़ लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार चंपावत के उदाली गांव के तोक चाचड़ी निवासी कृष्ण सिंह, उनकी पत्नी मनु और मां की हत्या करने के बाद प्रीतम सिंह अपने दोस्त विशाल के साथ जंगल में रुका था। मंगलवार को हल्द्वानी जाने के लिए प्रीतम सिंह ने एक पिकअप बुक की। रास्ते में किसी बात को लेकर चालक और प्रीतम सिंह के बीच तकरार हो गई। गाड़ी रोकने पर प्रीतम सिंह नीचे उतर गया। इस बीच प्रीतम सिंह को एक पुलिसकर्मी ने पहचान लिया और ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़कर थाने लेकर पहुंचा। थाने में पूछताछ के दौरान प्रीतम ने हरिद्वार में एक महिला के साथ बलात्कार और उसकी हत्या की बात भी कबूल की। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने उदाली गांव में किए तिहरे हत्याकांड की बात भी कबूली। अलबत्ता, वह हल्द्वानी किस मकसद से आ रहा था, उसने यह नहीं बताया।
आईजी कुमाऊं रेंज पूरन सिंह रावत का कहना है कि शातिर बदमाश प्रीतम सिंह के पकड़े जाने से पुलिस ने काफी राहत की सांस ली है। यदि नहीं पकड़ा जाता तो तिहरा हत्याकांड खोलना मुश्किल हो सकता था। पुलिस अभी अन्य वारदातों के मामले में उससे पूछताछ करेगी।
सीबीसीआईडी की टीम भी पूछताछ के लिए पहुंची
रुद्रपुर निवासी संजीव 2017 में पूर्णागिरि मंदिर से गायब हो गया था। शासन के निर्देश पर सीबीसीआईडी इस मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि लापता संजीव के दो मोबाइल प्रीतम सिंह ने बेचे थे। प्रीतम के पकड़े जाने की सूचना मिलने पर सीबीसीआईडी की एक टीम टनकपुर गई है। टीम में शामिल निरीक्षक संजीव के गायब होने के मामले में भी पूछताछ कर रहे हैं।
उदारी में इसी घर में हुअा तिहरा हत्याकांड
उदाली में हुए तिहरे हत्याकांड का खुलासा करने में एक साल पहले पूर्णागिरि से लापता हुए रुद्रपुर के एक युवक के मामले की जांच सहायक बनी। पिछले साल 23 मई को पूर्णागिरि के दर्शन को आए रुद्रपुर निवासी संजीव रहस्यमय तरीके से भैरोमंदिर के आसपास से लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद 24 मई को परिजनों की ओर से ठूलीगाढ़ थाने में संजीव की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस मामले का पुलिस की ओर से खुलासा नहीं करने पर संजीव के परिजन न्यायालय चले गए थे। इसके बाद न्यायालय ने गुमशुदगी के मामले में सीबीसीआईडी जांच के आदेश दिए थे।
सीबीसीआईडी जांच चल ही रही थी कि लापता संजीव का मोबाइल फोन टनकपुर में बरामद होने के मामले में मुख्य आरोपी प्रीतम सिंह का हाथ होने के सबूत मिले, लेकिन आरोपी तब से पुलिस को चकमा देता रहा। तीन सितंबर को जब टनकपुर पुलिस नियमित गश्त पर थी तो दोनों आरोपी रोडवेज बस स्टेशन के पास पूर्व सैनिक विश्राम गृह के पास फुटपाथ में सोते मिले।
पुलिस दोनों को संजीव की गुमशुदगी के मामले में पूछताछ के लिए थाने लाई तो पूछताछ और उनके सामान की चेकिंग में सोने का एक गुलोबंद, दो कड़े और चालीस हजार रुपये की नकदी बरामद हुई। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उदाली में हुए वारदात का खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी ने रुद्रपुर के संजीव को पूर्णागिरि में मौत के घाट उतारने की बात भी कबूली है। हालांकि अब तक संजीव का शव बरामद नहीं हो सका है।
बेरहमी से दिया वारदात को अंजाम
उदाली के तिहरे हत्याकांड को रात्रि में खाना बनाते समय अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने कृष्ण सिंह की मां को गला घोंटकर मारा, वहीं कृष्ण सिंह और उसकी पत्नी मनु देवी को गोशाला के पास बनाए गए रसोई घर में दरांती से मौत के घाट उतारा। वारदात के समय तवे पर पकने के लिए रोटी चढ़ाई गई थी। मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि उन्होंने वारदात को उस समय अंजाम दिया जब रात का खाना बनाया जा रहा था।घटना स्थल में पहुंचने वालों में पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल, पुलिस क्षेत्राधिकारी आरएस रौतेला, शारदा बैराज चौकी इंचार्ज सुरेंद्र सिंह खड़ायत, प्रभारी निरीक्षक सलाउद्दीन खान, जसवीर सिंह चौहान, चल्थी चौकी प्रभारी हरीश प्रसाद के अलावा टनकपुर के कोतवाल अरुण वर्मा आदि शामिल रहे।
आरोपियों के खिलाफ हुआ मुकदमा दर्ज
तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी प्रीतम सिंह और उसके सहयोगी विशाल सिंह के खिलाफ चल्थी चौकी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सिलाड़ के प्रधान प्रेम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201 और 394 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। तिहरे हत्याकांड में पति और सास के साथ हत्यारों का शिकार हुई कृष्ण सिंह की पत्नी मनु देवी हत्यारों से अंतिम सांस तक जूझती रही। इस बात की गवाही मौके के हालत खुद दे रहे थे। मनु की मुट्ठी में हत्यारों के बालों का गुच्छा दबा हुआ था। जिससे अनुमान है कि अंतिम सांस तक मनु ने हत्यारों का सामना किया था।
गुजरात में काम करते हैं कृष्ण सिंह के तीन बच्चे
तिहरे हत्याकांड में मारे गए कृष्ण सिंह के तीन बच्चे प्रकाश सिंह, भीम सिंह और सचिन गुजरात में काम करते हैं। जिन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। कृष्ण सिंह का मकान आबादी से हटकर एकांत में है। इसका फायदा हत्यारोपियों ने उठाया। एकांत में मकान होने के कारण इस दुस्साहसिक हत्याकांड की जानकारी ग्रामीणों को भी नहीं हो पाई। मंगलवार को जब गांव में पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों को तिहरे हत्याकांड की जानकारी हो सकी।
चंपावत पुलिस के हत्थे चढ़ा तिहरे हत्याकांड का आरोपी प्रीतम के खुलासे के बाद हरिद्वार पुलिस ने बंद फाइल को खोलने की तैयारी कर ली है। महिला से बलात्कार और हत्या की घटना की फाइल पुलिस ने सालों पहले बंद कर दी थी। अब प्रीतम के खुद के खुलासे के बाद चंपावत पुलिस ने हरिद्वार पुलिस से संपर्क साधा है।
प्रीतम सिंह ने चंपावत पुलिस को पूछताछ में बताया है कि वह लंबे समय तक हरिद्वार में रहा। यहां रहते हुए प्रीतम मिठाई की दुकान और खाने के ढाबों पर काम करता था। प्रीतम जगजीतपुर और हरिपुर कलां में भी बिरला फार्म के पास कई दुकानों पर काम कर चुका है। पुलिस की मानें तो उसने वर्ष 2004 में हरकी पैड़ी के पास एक महिला से शारीरिक संबंध बनाने के लिए संपर्क किया था। वह उसे चिडिय़ापुर के पास ले गया। शराब पीने के बाद उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और किसी बात पर अनबन हो जाने के बाद उसका सिर पटक कर हत्या कर दी थी। श्यामपुर थाना क्षेत्र में हुई यह वारदात काफी समय तक पुलिस के लिए सिरदर्द बनी रही। सुराग नहीं मिलने पर फाइलों में बंद कर दी गई थी।
चंपावत के एसपी धीरेंद्र गुज्याल ने बताया कि इस तरह के अपराधों में क्रूरता की हद तक पहुंचने वाला प्रीतम सिर पटक कर हत्या कर देने का एक्सपर्ट है। चंपावत पुलिस ने उसके कबूलनामे के आधार पर हरिद्वार पुलिस को भी सूचना दी वहीं हरिद्वार के एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि मामला 14 साल पुराना बताया जा रहा है। चंपावत पुलिस ने जो सूचना दी है उसके आधार पर जांच कराई जा रही है।