झंडा दरबार ट्रस्ट के कोआर्डिनेटर वीके नौटियाल के घर डकैती के इरादे से घुसने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने दबोचने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार बदमाश चंद्रबनी एनक्लेव में बृहस्पतिवार रात डकैती की योजना बना रहे थे। इसी दौरान तीन बदमाशों को दबोच लिया गया, जबकि तीन फरार हो गए। पकड़े गए बदमाशों से अवैध हथियार बरामद हुए हैं।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि 24 जून की रात पांच बदमाश ने झंडा दरबार ट्रस्ट के कोआर्डिनेटर वीके नौटियाल के इंद्रप्रस्थ कालोनी स्थित मकान परिसर में घुसे थे। बदमाशों ने सीसी टीवी कैमरों की तारें काट दी थीं। तार काटने से पहले की गतिविधियां कमरे में कैद हो गई थीं।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी सदर और क्षेत्राधिकारी नेहरू कालोनी के नेतृत्व में टीमें गठित की गई थीं। सीसी टीवी कैमरों से मिले फुटेज के सहारे बदमाशों की तलाश की जा रही थी। बृहस्पतिवार रात कुछ बदमाशों के बद्रीपुर में चंद्रबनी के पास मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस के पहुंचने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।
मुठभेड़ के दौरान तीन बदमाशों को दबोच लिया गया जबकि उनक तीन साथी भाग निकले। गिरफ्तार बदमाशों के नाम अनिरुद्ध उर्फ छोटू तिवारी निवासी जसवामही थाना सिकंदरपुर कन्नौज उत्तर प्रदेश, मंतोश शर्मा निवासी कटरा जिला मुजफ्फरपुर बिहार और राहुल कुमार निवासी कोटरा पिहानी जिला हरदोई उत्तर प्रदेश हैं।
पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में 24 जून की रात नौटियाल के घर डकैती डालने की बात स्वीकार की है। पुलिस टीम में एसपी सिटी प्रदीप राय, सीओ सदर लोकेश्वर सिंह, राज किशोर सिंह, एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट, सुशील कुमार, प्रमोद और विपिन राणा समेत कई पुलिस कर्मी शामिल थे। एसएसपी ने पुलिस टीम 2500 रुपये इनाम की घोषणा की है।
नौटियाल के बेटे के अपहरण की थी योजना
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गिरफ्तार अनुरुद्ध उर्फ छोटू तिवारी बेहद शातिर है। वह एक ही घटना में मालामाल होना चाहता था। इसके लिए उसने वीके नौटियाल का घर चुना। अनुरुद्ध ने घटना को अंजाम देने के लिए छह बदमाशों की गैंग बनाई। उसकी योजना नौटियाल के घर डकैती डालने के बाद उनके बेटे का अपहरण कर 30 लाख की फिरौती मांगने की थी।
एसएसपी ने बताया कि अनुरुद्ध झंडा चौक के पास एक इलेक्ट्रानिक की दुकान में काम करता है। अनुरुद्ध सात साल से देहरादून में रहता है। वीके नौटियाल अक्सर अनुरुद्ध की दुकान के पास से गुजरते थे। अनुरुद्ध ने नौटियाल की जानकारी जुटाने के बाद कुछ दिन पहले ही स्कूटी से उनकी कार का घर तक पीछा किया। वारदात को अंजाम देने के लिए अनुरुद्ध ने आकाश से संपर्क किया। आकाश देहरादून में ही ठेली लगाता है। आकाश ने कहा कि वह साथ में मंतोष और राहुल कुमार को भी शामिल कर लेगा।
मंतोष और राहुल भी देहरादून में आलू और प्याज की ठेली लगाते हैं। इसके बाद आकाश ने शोभित और कौशल नाम के बदमाशों को शाहजहांपुर से देहरादून बुलाया।
एसएसपी ने कहा कि वारदात से पहले अनिरुद्ध ने सभी लोगों को नौटियाल का घर दिखाया। प्लान के मुताबिक सभी बदमाश रात 12 बजे नौटियाल के घर पहुंचे। उनकी योजना थी घर की घंटी बजाकर दरवाजा खुलवाएंगे। उसके बाद घर के सदस्यों को हथियारों की नोंक पर बंदी बनाकर डकैती डालेंगे। जाते वक्त नौटियाल के बेटे को उन्हीं की कार से किडनैप कर ले जाएंगे। उसे छोड़ने की एवज में 30 लाख रुपये की फिरौती मांगेंगे।
इसी प्लानिंग के हिसाब से अनिरुद्ध और कौशल घर के बाहर निगरानी पर लग गए और अन्य चारों दीवार फांदकर घर में घुस गए। सबसे पहले बदमाशों ने सीसीटीवी कैमरे के तार काटे। इसी दौरान घर के बाहर मौजूद अनिरुद्ध का सामना चीता पुलिस वालों से भी हुआ। पुलिस वालों को देख उसने फोन कान पर लगा लिया। इसके बाद ही उसने ने घर के मौजूद अपने साथियों को फोन कर पुलिस कर्मियों के गश्त करने की जानकारी दी। इसी दौरान नौटियाल के घर की लाइट जल गई। खुद को फंसता हुआ देख सभी बदमाश वहां से भाग निकले।