फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून: एनआईवीएच छात्राओं ने अध्यापक पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, पुलिस के पास नहीं गईं उठाया ये कदम

Sun, 19 Aug 2018 09:25 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान
विज्ञापन

राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच) में अध्यापक पर छात्राओं से छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण जैसे गंभीर आरोपों की जांच पुलिस मुख्यालय ने डीएसपी जया बलोनी को सौंपी है। उनसे दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।

विज्ञापन


पुलिस मुख्यालय ने उस वीडियो की जांच कराने को भी कहा है, जो संस्थान में प्रदर्शन का बताकर वायरल किया जा रहा है। हालांकि, संस्थान प्रबंधन इस मामले को अध्यापकों के दो गुटों की लड़ाई का परिणाम बता रहा है। मामले में महिला एवं बाल आयोग की ओर से भी एक कमेटी जांच में जुट गई है।

एनआईवीएच की कुछ छात्राओं ने एक अध्यापक पर छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। इस मामले की शिकायत पुलिस से तो नहीं की गई है, मगर छात्राओं ने संस्थान की डायरेक्टर को मौखिक शिकायत की है। इस मामले में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन भी किया था। इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल कर खुद को न्याय दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन


वहीं, संस्थान की डायरेक्टर अनुराधा डालमिया का कहना था कि यह पिछले दिनों जेल गए अध्यापक के साथी अध्यापकों का किया धरा है। उन्हीं के बहकावे में आकर छात्राएं इस तरह के आरोप अध्यापक पर लगा रही हैं। उधर, शनिवार को मामले का खुद संज्ञान लेते हुए अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने इसकी जांच जया बलोनी से कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगामी दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने को कहा है।

विज्ञापन

पुलिस को शिकायत नहीं की बल्कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

social media
छात्राओं के शारीरिक शोषण के मामले में राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच) एक बार फिर चर्चाओं में है। संस्थान के कुछ छात्रों ने एक अध्यापक पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। मामले में उन्होंने पुलिस को शिकायत नहीं की बल्कि संस्थान के भीतर प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। आरोप है कि अध्यापक ने कक्षा के दौरान छात्राओं के साथ गलत हरकत की है। हालांकि, संस्थान की डायरेक्टर के पास भी इसकी कोई शिकायत नहीं है।

दरअसल, एनआईवीएच के छात्रों ने जो वीडियो वायरल किया है उसमें वे संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। इसमें कुछ मांगों को भी पूरी करने की बात कही जा रही है। इस बीच कुछ छात्राओं का भी आरोप है कि चार साल पहले एक अध्यापक ने कक्षा के दौरान छात्राओं से गलत हरकतें की थीं। छात्रों का यह भी आरोप है कि संस्थान के कुछ लोग इस मामले को दबाने का दबाव बना रहे हैं।

वायरल वीडियो में छात्रों का कहना है कि संस्थान में जानबूझकर पुलिस और मीडिया को भी दूर रखा जा रहा है, ताकि बात ज्यादा न बढे़। हालांकि, पुलिस के पास अब तक इसकी कोई शिकायत नहीं है। एसपी सिटी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि न तो थाने में और न ही उनके पास इस संबंध में कोई शिकायत आई है। यदि शिकायत आती है तो प्रबंधन से बात कर इसकी जांच की जाएगी। 

शिक्षकों की राजनीति से प्रेरित है मामला : डायरेक्टर
संस्थान की डायरेक्टर अनुराधा डालमिया का कहना है कि यह मामला अध्यापकों के दो गुटों की राजनीति से प्रेरित है। पिछले दिनों संगीत के शिक्षक रमेश कश्यप पर एक छात्र ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। इस मामले में रमेश को गिरफ्तार किया गया और वर्तमान में वह जेल में बंद है। इस प्रकरण में संस्थान के एक अध्यापक गवाह भी हैं। डालमिया का कहना है कि रमेश गुट के कुछ लोगों ने छात्राओं को गवाह बने शिक्षक के खिलाफ भड़काया है, जिससे वह अपनी गवाही से हट जाएं। अब उन पर उल्टे, सीधे आरोप लगाए जा रहे हैं। इस मामले में गवाह बने शिक्षक ने पिछले दिनों एसएसपी से भी शिकायत की थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें