फ्राड बाबाओं, तांत्रिकों के सताए लोगों का अपनी व्यथा जाहिर करने का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को भी कई फोन अमर उजाला की ओर से दिए गए मोबाइल नंबर पर आए।
नाम गुप्त रखने की गुजारिश
लोगों ने अपनी पीड़ा बताई ताकि दूसरे उनकी तरह किसी फर्जी बाबा, तांत्रिक के शिकार न हों, लेकिन नाम गुप्त रखने की गुजारिश भी कि ताकि कोई उन्हें..।
गड़ा धन मिलने का विज्ञापन
सुनीता (बदला हुआ नाम) ऋषिकेश में रह रही हैं। एक बाबा की तरफ से गड़ा धन मिलने का आकर्षक विज्ञापन पढ़ उन्होंने इसमें दिए गए नंबर पर फोन कर दिया।
उधर से एक शास्त्री जी ने फोन उठाया। स्वयं को राजस्थान से बताया। गड़ा धन के बाबत पूछने पर कहा कि सुनीता के मकान के समीप किसी भी खाली स्थान से वह उसे गड़ा धन प्राप्त करा सकते हैं। इसके लिए पहले 2500 रुपये अपने अकाउंट में डालने को कहा।
यज्ञ के नाम पर 40 हजार खर्च कराए
धन के लालच में फंसी सुनीता ने इसमें देरी नहीं की। रुपये जमा कराने के बाद बाबा से धन के बारे में पूछा तो उन्होंने सुनीता के घर ही आकर एक पूजा करने की बात कही। वह पहुंचे भी।
बकौल सुनीता पूजा में बड़े यज्ञ के नाम पर बाबाजी ने 40 हजार रुपये खर्च कराए। फिर सप्ताह भर के भीतर इच्छित फल मिलने की बात कह लौट गए। जाते वक्त पांच हजार रुपये की दक्षिणा भी ले गए।
सुनीता का कहना है कि हफ्ते भर बाद उन्होंने बाबा को फोन किया तो वह स्विच आफ जाता रहा। अकाउंट की तफ्तीश की तो वह चंडीगढ़ का निकला, लेकिन डिएक्टिवेट कराया जा चुका था।
सुनीता समझ गईं कि वह ठगी जा चुकी हैं। लेकिन चाहती हैं कि उनकी आप-बीती से कोई सबक ले और फर्जी बाबाओं, तांत्रिकों के चक्कर से दूर रहे।