सेना की लिखित परीक्षा में पास कराने के नाम पर युवाओं से धनराशि ऐंठने वाले ठग गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इन लोगों ने युवाओं के मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र अपने पास जमा करा लिए थे। सेना भर्ती की लिखित परीक्षा रविवार को ही हुई।
पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने बताया कि सेना भर्ती के लिए शारीरिक और चिकित्सा परीक्षण सात से 12 अक्तूबर तक हल्द्वानी में हुआ था। इस परीक्षा को पास करने वाले युवाओं की रविवार को लिखित परीक्षा होनी थी।
इसी बीच लिखित परीक्षा के लिए चयनित मुनस्यारी के उछेती गांव निवासी लवराज सिंह एवं उसके पांच साथियों ने पिथौरागढ़ कोतवाली में मूल रूप से धारचूला के रांथी गांव निवासी और वर्तमान में जगदंबा कॉलोनी पिथौरागढ़ में रहने वाले रवींद्र सिंह धामी के खिलाफ शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई।
उनका आरोप है कि रवींद्र सिंह ने युवाओं के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां अपने पास जमा करा ली हैं और लिखित परीक्षा में पास होने पर 2.50 लाख रुपये (प्रति युवा) देकर अपने मूल प्रमाणपत्र ले जाने को कहा है।
इस मामले के खुलासे के लिए एसपी ने कोतवाली पुलिस और एसओजी की टीम का गठन किया। पुलिस ने रविवार को आरोपी रवींद्र सिंह और उसके एक साथी मनीष धामी निवासी पितरौटा को सात युवाओं के मूल दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया।
इस तरह बिछाते थे जाल
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पूछताछ में दोनों लोगों ने पुलिस को बताया कि इस मामले में मुख्य भूमिका विण स्थित शाह टेंट हाउस के मालिक कैलाश सिंह शाह की है। युवाओं के मूल प्रमाणपत्र लेने, उनको चिन्हित करने तथा युवाओं के मोबाइल फोन नंबर लेने की जिम्मेदारी कैलाश शाह की थी। छानबीन में कैलाश शाह के टेंट हाउस से भी तीन युवाओं के मूल प्रमाणपत्र मिले। कैलाश शाह को भी गिरफ्तार किया गया है।
एसपी ने बताया कि कैलाश शाह ने पूछताछ में यह जानकारी दी कि पिछले वर्ष उसकी मुलाकात सेना भर्ती कार्यालय के निकट राजेश नामक व्यक्ति से हुई थी। राजेश खुद को सेना में कार्यरत बताता है। राजेश ने ही उसे जिम्मेदारी दी थी कि सेना भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए आने वाले युवाओं को ढूंढकर उनसे 2.50 लाख रुपये में बात कर लें।
इसके एवज में 20 हजार रुपये प्रति युवा के हिसाब से कमीशन कैलाश शाह को मिलता था। कैलाश शाह ने पुलिस को बताया कि पिछले वर्ष भी छह युवाओं को सेना में भर्ती कराने के एवज में कमीशन के तौर पर उसे 1.20 लाख रुपये मिले थे।
इस बार रवींद्र और मनीष की मदद से युवाओं को चिन्हित किया जा रहा था। पुलिस अब राजेश नामक इस व्यक्ति की तलाश कर रही है। इसके लिए सेना के अधिकारियों से संपर्क किया गया है।
तीनों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र की धारा 120 (बी) और 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले का खुलासा करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी प्रकाश मेहरा, कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रेमपाल सिंह, उपनिरीक्षक अशोक धनकड़, धर्मेंद्र, विकास कुमार, कांस्टेबल अनिल मर्तोलिया, मनमोहन भंडारी, राजकुमार, अशोक सिंह शामिल थे।