आईएएस अकादमी में फर्जी आईएएस बनकर रहने वाली रूबी चौधरी को शनिवार को देहरादून में कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में छह माह तक फर्जी आईएएस बनकर रहने वाली रूबी चौधरी को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया था।
इससे पहले शुक्रवार दिन में ही नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के एक होटल में ननदोई संग रह रही रूबी को नजरबंद कर दिया गया था। रूबी को होटल से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई थी।
शुक्रवार रात पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए होटल पहुंची। गिरफ्तारी की जानकारी होते ही रूबी ने खूब हंगामा किया। उसने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। कहा कि उसे फंसाया जा रहा है।
रात साढ़े दस बजे गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे राजपुर थाने ले गई। मसूरी से लौटी एसआईटी राजपुर थाने में रूबी से देर तक पूछताछ करती रही। बताया गया कि रात को रूबी चौधरी को थाने में ही रखा जाएगा।
एसआईटी कौ सौंपी गई मामले की जांच
मसूरी स्थित राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में फर्जी आईएएस बनकर रहने के मामले में कई जांच एक साथ चल रही हैं। दून पुलिस अपने स्तर पर रूबी के परिजनों से पूछताछ कर चुकी है। अकादमी की एक टीम अलग जांच कर रही है।
हालांकि, अधिकृत तौर पर मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। इसके अलावा रूबी के पिछले रिकार्ड के बाबत मुजफ्फनगर जिला प्रशासन से भी जांच रिपोर्ट मिल चुकी है।
अब तक उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रूबी की गिरफ्तारी को हरी झंडी दी गई। इस बीच, पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने फोन पर कहा कि जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
लगाए थे आरोप
वहीं इसके पहले रूबी ने मीडिया के सामने खुलासा करते हुए कहा था कि उसे अकादमी में नौकरी दिलाने के नाम पर रखा गया था। कहा कि अकादमी के डायरेक्टर ने ही उसे पास उपलब्ध कराया था। वह कोई जासूस नहीं है।