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मां की मदद से बेटे ने घर में ही बना डाली 70 साल के पिता की कब्र, बस इतना सा था बुजुर्ग का कसूर

Mon, 08 Jan 2018 11:37 PM IST
क्राइम डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
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70 साल के बुजुर्ग का बोझ जब पत्नी और बेटे से सहा नहीं गया तो दोनों ने मिलकर उसे घर में ही गाढ़ दिया। इसके बाद पत्नी उसकी कब्र के ऊपर चारपाई लगाकर सोती थी।  

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पिता-पुत्र के रिश्तों का कत्ल करते हुए एक बेटे ने अपनी मां की मदद से अपने 70 साल के बुजुर्ग पिता की जान ली और शव को घर के अंदर ही तीन फुट के गड्ढे में गाड़ दिया। इसके ऊपर फर्श बनाकर मां की चारपाई भी लगा दी।

सोमवार को पुलिस ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में गड्ढा खोदकर शव निकाला तो सभी की आंखें फटी रह गईं। पिता का कसूर सिर्फ इतना था कि उम्र के इस पड़ाव में वह कोई काम नहीं कर पाते थे और बीमारी के कारण शौच जाने में भी दिक्कत होती थी। इस मामले में बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी मां से पूछताछ की जा रही है।
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रामपुर (यूपी) के नमकोली शहजादनगर निवासी बाबूराम ने रविवार शाम कोतवाली थाने पहुंचकर कहा था कि उसके बड़े भाई प्यारेलाल परिवार के साथ जीतपुर नेगी नई बस्ती में रहते हैं। भतीजे मुन्नालाल और उसकी मां रानी ने प्यारेलाल की हत्या कर शव को घर में छिपाया है।

पुलिस ने रात में ही मां-बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। थाना प्रभारी केआर पांडे, नायब तहसीलदार के साथ सोमवार को जीतपुर नेगी नईबस्ती स्थित प्यारेलाल के मकान पर पहुंचे।

पुलिस ने  मुन्नालाल और उसकी मां रानी से प्यारेलाल के बारे में जानकारी ली तो दोनों इधर-उधर की बातें करने लगे। सख्ती करने पर मुन्ना ने बताया कि उसके पिता प्यारेलाल की पांच जनवरी को मौत हो गई थी।

उसके पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे, इसी वजह से शव को मकान के अंदर ही दफना दिया था। पुलिस ने उसकी कहानी को खारिज कर उसे हिरासत में ले लिया। नायब तहसीलदार नवीन रजवार की मौजूदगी में कमरे से लकड़ी की चारपाई और रजाई गद्दे को बाहर निकला गया।
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अंदर ईट की फर्श हटाने के बाद मिट्टी निकाली गई तो काले रंग की पॉलिथीन की परत के नीचे सफेद कपड़े में लिपटा शव दिखाई दिया। पुलिस ने मुन्ना से ही मिट्टी बाहर निकलवाई। इस दौरान वहां भीड़ जमा हो गई।

प्यारेलाल के छोटे भाई बाबूराम ने आशंका जताई कि बड़े भाई की हत्या में भतीजे मुन्नालाल के साथ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि प्यारेलाल सात-आठ साल साल से दो कमरों का टिन शेड वाला मकान बनाकर अपनी पत्नी रानी और बेटे के साथ रहते थे।

पहले वह तीनपानी में रहकर बटाईदार का काम करते थे। उम्र के आखिरी पड़ाव में बेटा और पत्नी उनको खाना भी नहीं देते थे। मां-बेटे बुजुर्ग को अकारण पीट भी देते थे। गांव के लोग उनकी हालत देखकर खाना खिला देते थे। थाना प्रभारी केआर पांडे ने बताया कि शव बरामद कर उसे गिरफ्तार किया गया है। प्यारेलाल की पत्नी को अभी गिरफ्तार नहीं किया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
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