लक्सर (रुड़की) में खानपुर थानाक्षेत्र के ग्राम पूरणपुर में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की पीट पीटकर हत्या कर दी गई।
वृद्ध का शव बुधवार की सुबह उसके ही गन्ने के खेत में पड़ा मिला। घटनास्थल पर इस तरह के संकेत मिले कि कहीं और हत्या करने के बाद शव को खेत में लाकर फेंका गया है।
पुलिस हत्या के पीछे परिवार में ही चल रहे संपत्ति के बंटवारे के विवाद को कारण मान रही है। पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। पूरणपुर निवासी मामचंद उर्फ चेता (70) मंगलवार की शाम को अपने घर से खेतों की तरफ जाने के लिए कहकर निकला था।
लेकिन, रात को नहीं लौटा। इस पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बुधवार की सुबह भी परिजन व आसपास के ग्रामीण उसे तलाशने के लिए खेतों की ओर गए। किसी ने मामचंद का शव उसी के खेत में पड़ा देखकर परिजनों को सूचना दी।
शव को देखने से ऐसा लग रहा था कि लाठी डंडों से पीट पीटकर मामचंद की हत्या की गई है। उसके शरीर पर गर्दन व कई अन्य हिस्सों में चोट के निशान देखे गए।
सूचना मिलते ही एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल और सीओ बहादुर सिंह चौहान के साथ घटना स्थल का दौरा किया। एसएसपी ने बताया कि अभी हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन घटनास्थल को देखकर लग रहा है कि हत्या कहीं और करने के बाद शव को यहां लाकर फेंका गया है।
शव जिस जगह पड़ा था वह जगह खेत में काफी अंदर है, जिस कारण यह माना जा रहा है कि कम से कम हत्या में दो या उससे ज्यादा लोग शामिल रहे होंगे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। हत्याकांड की सुई मृतक के परिवार के आसपास ही घूमती दिख रही है।
पुलिस की मानें तो मृतक के तीन बेटों राजबीर, भंवर सिंह और अनंतपाल में बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस इस विवाद को भी हत्या की वजह मानकर जांच पड़ताल में जुटी है। मृतक के भतीजे की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामचंद ने जताई थी हत्या की आशंका
हत्या के इस मामले को लेकर खानपुर पुलिस भी कठघरे में खड़ी दिखाई दे रही है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि मामचंद अपनी हत्या को लेकर कई दिनों से आशंकित था। उसने पिछले दिनों पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर ऐसी आशंका भी जताई थी और सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
लेकिन, पुलिस ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। थानाध्यक्ष कमल मोहन भंडारी ने बताया कि अभी तक उनके संज्ञान में ऐसी कोई बात नहीं आई है कि मामचंद ने हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी। पुलिस को ऐसा कोई पत्र नहीं दिया गया है।