साहब मैं 85 साल का बूढ़ा हूं। बेटों ने घर से निकाल दिया है। पांच बीघे जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। अब जीवन के अंतिम पड़ाव में मैं कहां जाऊं। मेरी मदद करो साहब।
हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र के डेरा कलालपुर निवासी कुंदन सिंह ने कुछ इसी तरह कोतवाल के सामने अपनी व्यथा बयां की। कोतवाल ने चौकी इंचार्ज को मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
बेटे बने जान के दुश्मन
रविवार दोपहर कोतवाली पहुंचे कुंदन सिंह ने कोतवाल बीके शर्मा को बताया कि उसके दो बेटे हैं। जिन बेटों को उसने पाल पोस कर बढ़ा किया, आज वहीं जान के दुश्मन बन गए हैं।
दोनों बेटों ने उसकी पांच बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। वह काफी दिनों से बीमार है। बेटे दवा के लिए पैसे नहीं देते हैं।
जमीन वापस दिलाने की गुहार
शनिवार को बेटों ने उसे धक्का मारकर घर से निकाल दिया। अब उसे रोटी के लाले पड़ गए हैं। इस उम्र वह कोई काम भी नहीं कर सकता है।
कुंदन सिंह ने कोतवाल से जमीन वापस दिलाए जाने की गुहार लगाते हुए बेटों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। कोतवाल ने चौकी इंचार्ज को मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।