हरिद्वार की पथरी पुलिस ने बेशकीमती और दुर्लभ प्रजाति के पांच कछुए के साथ वन्य जीव तस्कर को दबोचा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक कछुए की कीमत ढाई से तीन लाख रुपये है। आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। वन विभाग की टीम ने भी तस्कर से उसके नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की है।
सोमवार देर रात फेरुपुर चौकी प्रभारी लखपत सिंह बुटोला ने गांव कटारपुर मार्ग पर पैदल जा रहे एक संदिग्ध को रोका। उसके पास मौजूद बैग की तलाशी लेने पर उसमें पांच कछुए मिले। तीन कछुए छोटे थे जबकि दो बड़े थे।
पुलिस आरोपी को पकड़कर चौकी ले आई। पूछताछ में हत्थे चढ़े वन्य जीव तस्कर अरुण निवासी सपेरा बस्ती रायपुर देहरादून ने बताया कि यह सभी कछुए उसने बाणगंगा से पकड़े हैं।
सभी कछुए उसे एक व्यक्ति को देने थे जो उसे आगे बेचता है। चौकी प्रभारी की सूचना पर आला अफसरों ने भी चौकी पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी लेते हुए वन्य जीव तस्कर से पूछताछ की। थानाध्यक्ष अजय जाटव ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाल रहे है। इस संबंध में पुलिस की एक टीम देहरादून में सपेरा बस्ती भेजी गई है।
ढाई से तीन लाख रुपये में बिकता है एक कछुआ
बरामद दुर्लभ कछुए
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जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम ने भी थाने में वन्य जीव तस्कर से पूछताछ में जुटी रही। मंगलवार देर शाम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कछुए वन विभाग को सौंप दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस दुर्लभ किस्म के कछुए की कीमत ढाई से तीन लाख रुपये तक है। घर में कछुए रखना शुभ माना जाता है। तंत्र साधकों का मानना है कि कछुआ होने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है। इसके अलावा यौनवर्द्धक एवं कई गंभीर बीमारियों के इलाज में भी कछुए का इस्तेमाल होता है।
तंत्र मंत्र में भी कछुए का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि हिंदू धर्म शास्त्र में इसका कोई उल्लेख नहीं है। बताते हैं एक कछुआ ढाई से तीन लाख के बीच बेचा जाता है।