एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक उत्तम सिंह, हेड कांस्टेबल लक्ष्मण चंद, कांस्टेबल मुन्ना सिंह के अलावा जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व रीड्स संस्था के सचिव पं. भुवन चंद्र गढ़कोटी, रीड्स संस्था की काउंसलर भावना चंद व महिला आयोग की पूर्व सदस्य विमला सजवान ने किशोरियों की काउंसलिंग की तो मानव तस्करी व किशोरियों के यौन शोषण का मामला सामने आया।
कोतवाल ने बताय कि किराए के मकान में रह रही मूल रूप से बरेली निवासी आरोपी सुषमा चौहान पत्नी गौरव चौहान किशोरियों से अनैतिक धंधा करवाती थी। उसके पुत्र ने भी कई बार एक पीड़ित को अपनी हवस का शिकार बनाया। एक आरोपी के अपनी 12 वर्षीय सौतेली बेटी को हवस का शिकार बनाने की बात भी सामने आई। इतना ही नहीं उसका भांजा भी सौतेली बेटी का यौन शोषण करता रहा।
कोतवाल ने बताया कि आरोपी महिला सरगना सुषमा व पीड़ित एक किशोरी के सौतेले पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि आरोपी महिला का बेटा और सौतेले पिता का भांजा पकड़ में नहीं आया है। सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 ए, 370 (4), 376 एवं पास्को एक्ट की धारा 34 के तहत मुकद्मा दर्ज किया गया है। मामले की तफ्तीश उप निरीक्षक नीशू गौतम को सौंपी गई है। आरोपियों को दबोचने वाली पुलिस टीम में कोतवाल के अलावा एंटी ह्यूमन सेल के हैड कांस्टेबल लक्ष्मण चंद, कांस्टेबल पार्वती टम्टा, भावना, अर्चना शामिल थे।