पुलिस के हत्थे तब देहरादून में देह व्यापार के धंधे की कमान संभालने वाली स्टेला का बेटा रॉबर्ट उर्फ माइकल रॉबर्ट पुत्र माइकल जॉन निवासी राजपुर रोड देहरादून सहित कुछ कॉलगर्ल चढ़ी थीं।
सामने आया था कि दिल्ली की युवती को नौकरी के नाम पर यहां बुलाया गया था और उसे जबरन जिस्मफरोशी के धंधे में उतार दिया गया था।
पुलिस तफ्तीश में तब कमल अग्रवाल पुत्र पदम अग्रवाल निवासी माधव विहार कालोनी भूतेश्वर मंदिर रोड धोबीघाट सहारनपुर यूपी समेत सात लोगों का नाम प्रकाश में आया था।
तब से आरोपी कमल अग्रवाल फरार चल रहा था। उस पर पुलिस ने ढाई हजार का इनाम घोषित किया था।
एसटीएफ के निरीक्षक एनके भट्ट ने सूचना पर हरिद्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह अधिकारी को साथ लेकर रोडवेज बस स्टैंड के पास दबिश देकर आरोपी कमल को दबोच लिया।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी इंद्रापुरम गाजियाबाद में रह रहा था। वहीं से ही वह देह व्यापार के धंधे का संचालन कर रहा था।
एक जमाने में देहरादून में सक्रिय सेक्स रैकेट संचालक स्टेला का निजी ड्राइवर कमल अग्रवाल हुआ करता था। स्टेला के गैंग में रहकर ही उसने देह व्यापार के धंधे का ककहरा सीखा था। स्टेला और उसके बेटे रॉबर्ट पर जब पुलिस का शिकंजा कसा गया तब कमल अग्रवाल ने ड्राइवर की नौकरी छोड़कर इस धंधे की कमान संभाल ली। स्टेला का ड्राइवर होने से उसे नेटवर्क की बखूबी जानकारी थी, लिहाजा देहरादून में इस धंधे में पांव जमाने में उसे वक्त नहीं लगा।
देहरादून में पहले भी हुई गिरफ्तारी
हरिद्वार पुलिस भले ही उसकी तलाश लंबे वक्त से कर रही थी, लेकिन सेक्स रैकेट संचालक कमल अग्रवाल की गिरफ्तारी देहरादून में पहले भी हो चुकी है। देहरादून में उसके खिलाफ देह व्यापार के अलग- अलग मुकदमें दर्ज हैं।
छात्राएं भी नेटवर्क में शामिल
सेक्स रैकेट संचालनकर्ता कमल अग्रवाल के नेटवर्क में स्कूल-कालेज की छात्राएं भी शामिल हैं। इसके नेटवर्क में पंजाब, दिल्ली, एनसीआर की युवतियां शामिल हैं। भौतिक सुख संसाधन की चाहत में यह लड़कियां इस धंधे में उतर आती हैं।