पडोसी जिले सहारनपुर में जातीय हिंसा भड़काने के मुख्य आरोपी भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण चंद मिनट के लिए उपनगर ज्वालापुर में छिपा हुआ था। उसके मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन मोहल्ला कस्साबान (ज्वालापुर) आई थी और फिर उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया था। सहारनपुर पुलिस के पहुंचने से पहले ही रावण यहां से चला गया।
उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिले आजकल जातीय हिंसा से सुलग रहा है। जातीय हिंसा भड़काने का आरोप भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर है। उसकी धरपकड़ के लिए यूपी पुलिस ने एड़ीचोटी का जोर लगाया हुआ है। वह अब तक कई मोबाइल फोन और सिमकार्ड बदल चुका है।
रविवार को सहारनपुर पुलिस की बांछें उस समय खिल गई थी तब रावण के हरिद्वार में छिपे होने की जानकारी सर्विलांस से मिली। सामने आया कि उसके मोबाइल फोन की लोकेशन ज्वालापुर के मोहल्ला कस्साबान के मोबाइल फोन टॉवर की आ रही है। हालांकि, वो किस मोहल्ले में छिपा था ये साफ नहीं हो सका।
सहारनपुर पुलिस ने तुरंत हरिद्वार की सीआईयू (क्रिमीनल इंटेलीजेंस यूनिट) से संपर्क साधा। जब तक सीआईयू उस तक पहुंचने की कोशिश करती तब तक उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
बताया जा रहा है कि कुछ वक्त ज्वालापुर में ठहरने के बाद रावण यहां से चला गया। फिर सहारनपुर पुलिस यहां नहीं आई। इधर, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि रावण के यहां ठहरने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। न ही सहारनपुर पुलिस ने उनसे संपर्क किया है।